
चीन ने अपन नई हाई-स्पीड मगलेव (Maglev) ट्रेन का प्रोटोटाइप पेश किया है। यह ट्रेन 620 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है। यह उच्च तापमान सुपरकंडक्टिंग (HTS) पावर पर चलती है जिससे लगता है कि यह चुंबकीय ट्रैक्स पर तैर रही हो। 21 मीटर लंबा यह प्रोटोटाइप मीडिया के सामने चेंगडू में लॉन्च किया गया। यूनिवर्सिटी रिसर्चर्स ने 165 मीटर का ट्रैक बनाया जिस पर ट्रेन के लुक और अनुभव को प्रदर्शित किया गया।
प्रोटोटाइप पर काम करने वाले प्रफेसर हे चुआन का कहना है कि यह ट्रेन 3-10 साल में ऑपरेशनल हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि सिचुआन के पास दुर्लभ संसाधन हैं जो स्थायी चुंबकीय ट्रैक के निर्माण के लिए लाभकारी हो सकते हैं। इससे एक्सपेरिमेंट्स को तेजी से विकसित किया जा सकता है। चीन में दुनिया का सबसे बड़ा तेज-स्पीड नेटवर्क है जो 37 हजार किलोमीटर से ज्यादा में फैला हुआ है। सबसे तेज कमर्शली ऑपरेट हो रही ट्रेन शंघाई मगलेव भी यहां है।
विंटर ओलिंपिक्स की तैयारी : देश की सबसे तेज स्पीड की ट्रेन मगलेव 2003 में चलनी शुरू हो गई थी। इसकी अधिकतम स्पीड 431 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह शंघाई पुडोन्ग एयरपोर्ट को शंघाई के पूर्वी सिरे पर लॉन्गयाग रोड से जोड़ती है। चीन 2022 तक और ज्यादा इन्फ्रास्ट्रक्चर में विकास करना चाहता है जब देश की राजधानी पेइचिंग में विंटर ओलिंपिक्स होने हैं।
पिछले साल चीन ने 174 किलोमीटर हाई-स्पीड रेलवे लाइन शुरू की थी जो 2022 में विंटर ओलिंपिक्स की होस्ट सिटी झांगजियाकोऊ को पेइचिंग से जोड़ती है। इससे सफर का वक्त 2-3 घंटे से कम होकर 47 मिनट का रह गया। इसी महीने देश में खास बुलेट ट्रेन चली है जो कम तापमान पर ऑपरेशन के लिए बनाई गई है। CR400AF-G ट्रेन 350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर -40 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर भी चल सकती है।
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