
चीन ने जो बाइडेन के राष्ट्रपति चुनाव जीतते ही अमेरिका को घेरना शुरू कर दिया है। जिनपिंग प्रशासन ने अमेरिका के करीब स्थित जमैका को कर्ज और हाईवे बनाने के लिए तकनीकी देने की पेशकश की है। अगर जमैका चीन के इस उपहार को स्वीकार कर लेता है तो अमेरिका के नाक के नीचे तक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पकड़ हो जाएगी।
बीमारी फैलाकर दवा बांट रहा चीन : ऐसा नहीं है कि चीन ने जमैका को अपने पाले में करने का प्रयास अभी से करना शुरू किया है। बीमारी फैलाकर दवा बांटने वाले अपने अभियान के तहत चीन ने जमैका को पहले ही कोरोना वायरस के टेस्टिंग किट, मास्क और वेंटिलेटर के कई बड़े शिपमेंट भेजे हैं। इतना ही नहीं, चीन वहां के सुरक्षाबलों और सेना को कई सुरक्षा उपकरण भी दान में दिए हैं।
जमैका ने चीन की पेशकश को किया स्वीकार : चीन की सरकार लोन के अलावा, चीनी कंपनियों के निवेश, राजनयिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने की भी कोशिश कर रही है। इसी के कारण जमैका में सांस्कृतिक केंद्रों का एक नेटवर्क बनाया गया है। यहां की सरकार ने भी चीन के इस पेशकश का स्वागत किया है। हालांकि, अमेरिकी सरकार के लिए इतने पास में चीन की उपस्थिति हानिकारक हो सकती है। ऐसे में इसे रोकने के लिए अमेरिका भी सक्रिय हो गया है।
कैरिबियाई देशों में निवेश कर रहा चीन : कैरेबियन द्वीपसमूह में कई छोटे-छोटे देश बसे हुए हैं। इनके पास खनिज और अन्य कच्चे माल तो हैं, लेकिन उनके भंडारण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चीन ने कैरिबियाई देशों के इस कमजोरी का फायदा उठाने का प्लान बनाया है। इसके तहत लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और वाणिज्य के क्षेत्र में सक्रिय कई चीनी कंपनियां इन देशों में अपना व्यापार बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।
‘डेट-ट्रैप डिप्लोमेसी’ खेल रहा चीन : चीन इस समय दुनियाभर के देशों के साथ ‘डेट-ट्रैप डिप्लोमेसी’ खेल रहा है। इसके जरिए चीन पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के नाम पर विदेशी देशों को कर्ज देता है। जब वह देश इस कर्ज को चुकाने में सक्षम नहीं होते तो वह उनके संसाधनों पर कब्जा करना शुरू कर देता है। इसका ताजा उदाहरण श्रीलंका है। जिसे कर्ज के बदले में अपना एक पोर्ट हंबनटोटा चीन को देना पड़ा है।
लाओस की पावर ग्रिड पर चीन का कब्जा : लाओस सरकार चीन को कर्ज के बदले में नेशनल इलेक्ट्रिक पावर ग्रिड का बड़ा हिस्सा चीन की सरकारी कंपनी चाइना साउथर्न पॉवर ग्रिड कंपनी को देने जा रही है। इससे चीन का कर्च चुकाने के लिए लाओस को कुछ समय मिल जाएगा। वहीं, लाओस के ऊर्जा मंत्री खम्मानी इंथिरथ ने कहा कि चीनी कंपनी को सरकारी पावर कंपनी में स्वामित्व देने से अनुभव, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन में लाभ होगा।
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