
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। ट्रम्प और जिनपिंग की आखिरी मुलाकात जून 2019 में जापान में हुए जी-20 सम्मेलन में हुई थी। (फाइल)
वॉशिंगटन. कोरोनावायरस के संक्रमण पर अमेरिका की ओर से लगातार लगाए जा रहे आरोपों के बाद चीन ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो से संदेश दिया गया है कि चीन लगातार वायरस को लेकर सावधान करता रहा, जबकि अमेरिका उसे नजरअंदाज करता रहा।
फ्रांस में चीन की एंबेसी ने ट्विटर पर एनिमेटेड वीडियो पोस्ट किया है और इसका टाइटल दिया गया है- ‘वंस अपॉन ए वायरस’। इस वीडियो में वायरस की टाइमलाइन भी दिखाई गई है। वीडियो में कार्टूनों के जरिए दिखाया गया है कि चीन वायरस को लेकर लगातार दुनिया को जानकारी देता रहा है। साथ ही अमेरिका सावधानी बरतने की जगह चीन पर आरोप लगाता रहा है।
एक मिनट 39 सेकंड का वीडियो
एक मिनट 39 सेकंड के वीडियो में दिखाया गया है कि चीन जनवरी में अपने यहां लॉकडाउन की घोषणा करता है और अमेरिका इसे बर्बर करार देता है। इसमें यह भी दिखाया है कि अमेरिका चीन पर मानवाधिकार हनन के बार-बार आरोप लगाता है। वीडियो को लेकर ट्विटर पर खूब चर्चा हो रही है। कई यूजर्स ने चीन के सही समय पर सूचना देने के दावे को गलत बताया है। चीन के वुहान से दिसंबर में कोरोनावायरस का प्रकोप शुरू हुआ था और दुनियाभर में फैल गया।
डोनाल्ड ट्रम्प लगातार चीन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस वायरस के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि वायरस वुहान इंस्टीटयूट ऑफ वायरोलॉजी से निकला है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया है कि उनके पास इसके सुबूत हैं। हालांकि, उन्होंने सुबूत दिखाने से मना कर दिया है। ट्रम्प ने इस दौरान चीन पर नए टैरिफ लगाने की भी बात कही है।
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