
China के टॉप नेता Coronavirus की महामारी के चरम पर अपने आधिकारिक निवास को छोड़कर एक सीक्रेट रिजॉर्ट में रहने चले गए थे। हॉन्ग-कॉन्ग के एक अखबार ने यह दावा किया है।
कोरोना वायरस को लेकर चीन के ऊपर अलग-अलग आरोप लगते रहे हैं। दुनिया से जानकारी छिपाने से लेकर अहम दवा का पेटेंट कराने तक के लिए चीन को आलोचना का शिकार होना पड़ा है। ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि देश की कम्यूनिस्ट पार्टी के टॉप के नेता उस वक्त पेइचिंग के एक सीक्रेट रिजॉर्ट में रहने चले गए थे, जब यह महामारी अपने चरम पर थी, ताकि वे खुद इन्फेक्शन से दूर रह सकें।
परिवारों संग सुरक्षा में नेता
अंग्रेजी अखबार डेली मेल ने हॉन्ग-कॉन्ग के मिंग पाओ अखबार के हवाले से यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक पेइचिंग के नॉर्थ-वेस्ट में स्थित जेड स्प्रिंग हिल एक विला कॉम्प्लेक्स है। यहां आम लोग नहीं जा सकते हैं। दावा किया गया है कि इसमें देश के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई बड़े नेताओं के घर हैं। अखबार के मुताबिक सरकार के नेता झोंगानहाई के आधिकारिक निवास को छोड़कर जेड स्प्रिंग हिल चले गए थे।
यहां कड़ी सुरक्षा के बीच ये नेता अपने परिवारों के साथ रह रहे थे। रेडियो इंटरनैशनल फ्रांस ने भी मिंग पाओ के दावे का समर्थन किया है। उसके मुताबिक यहां कंपाउंड में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। चेयरमैन माओ जेडॉन्ग ने चीन में कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार बनाने के बाद कुछ वक्त यहां बिताया था।
चीन पर कई आरोप
चीन के वुहान से शुरू हुए वायरस की चपेट में देशभर में 82,858 लोग आ चुके हैं और 4,633 लोगों की मौत हो गई। चीन के ऊपर दूसरे देश, खासकर अमेरिका इस बात का आरोप लगाते रहे हैं कि उसने न सिर्फ अपने यहां इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए समय पर कदम उठाए बल्कि बाकी दुनिया को भी देर से जानकारी दी। अमेरिका तो यहां तक आरोप लगा चुका है कि चीन ने कोरोना वैक्सीन पर काम कर रहे उसके मेडिकल संस्थानों, रीसर्च लैब में साइबर अटैक किया है।
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