
चीन अपने मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग में उइगर मुसलमानों खासकर महिलाओं के साथ अमानवीय जुल्म कर रहा है । अमेरिकी नागरिक बन चुकी उइगर कार्यकर्ता रुशन अब्बास ने इसका खुलासा करते हुए कहा कि चीन में उइगर महिलाओं को शारीरिक और मानसिक प्रताड़नाएं दी जाती हैं। अज्ञात इंजेक्शन और दवाएं दी जाती हैं। उसने उइगर महिलाओं को दुष्कर्म के लिए भी ले जाते हुए देखा है।
अब्बास का कहना है कि दो साल पहले चीन में उनकी बहन लापता हो गई थी। माना जाता है कि उसे डिटेंशन सेंटर में बंद करके रखा गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया चीन के झूठ से अंजान है क्योंकि चीनी शासन में सूचनाओं को फैलने नहीं देने के लिए एक पूरा तंत्र है। रुस्तम की बहन गुलशन अब्बास वह एक सेवा निवृत्त हो चुकी उइगर डॉक्टर है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ’ब्रायन ने दावा किया था कि चीन अपने शिनजियांग क्षेत्र में मुसलमानों के इलाज के लिए नरसंहार जैसा कुछ कर रहा है। इसके लिए चीनी प्रशासन बड़े बड़े डिटेंशन कैंपों में बंदी बनाकर रखी गईं मुस्लिम महिलाओं का सिर भी मुंडवा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, शिनजियांग प्रांत में चीन ने लगभग 10 लाख से ज्यागा उइगर मुसलमानों को डिटेंशन कैंपों में कैद करके रखा हुआ है। कई मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि चीन यहां नरसंहार कर रहा है और यह मानवता के खिलाफ अपराध है। जबकि चीन शुरू से इन आरोपों से इनकार करता रहा है। उसका कहना है कि इस क्षेत्र के कैंप व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, जिससे चरमपंथ से लड़ने में मदद मिलती है।
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