
पूरी दुनिया जहां कोरोना वायरस के कहर से जूझ रही है वहीं ऑस्ट्रेलिया उन देशों में शामिल है जहां इसका कम प्रभाव देखने को मिला है। पश्चिमी देशों में कोरोना से जान गंवाने वालों की संख्या हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है लेकिन स्ट्रेलिया में केवल 51 लोगों की इससे मौत हुई है। ऑस्ट्रेलिया में कोरोना का पहला केस 25 जनवरी को सामने आया था। ऑस्ट्रेलिया में पिछले 4 सप्ताह में कोरोना वायरस के सबसे कम मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने बताया कि 96 नए मामले सामने आए हैं। 17 मार्च के बाद पहली बार 100 से कम मामले सामने आए हैं। हालांकि, अभी इस देश ने कोरोना से लड़ाई जीती नहीं है लेकिन कुछ प्रयासों के जरिए इस देश ने इसके असर को बहुत कम कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया के हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि उन्होंने गहन जांच, सेल्फ आइसोलेशन और सोशल डिस्टेंसिंग के कड़ाई से पालन के जरिए इस स्थिति पर काबू पाया है। यानि इस देश ने दुनिया से दूरी बना कर खुद को काफी हद तक कोरोना के कहर से बचा लिया है।
आंकड़े भी इस बात को स्पष्ट करते हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका और ब्रिटेन से कहीं ज्यादा टेस्ट कराए हैं।इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने बॉर्डर पर भी सख्ती बढ़ाई साथ ही शुरुआत में डब्लूएचओ के उन निर्देशों को भी नजरअंदाज किया जिसमें कहा गया था कि चीन और बाकी देशों से आने वाले लोगों पर पाबंदी लगाने की कोई जरूरत नहीं है। इसके अलावा बार्डर पर सख्ती बढ़ाए जाने के साथ-साथ 13 मार्च से ही सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर कड़ाई की गई।
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