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‘कोरोना फ्री’ उत्तर कोरिया को नए साल पर किम जोंग उन ने कहा ‘शुक्रिया’, 26 साल बाद किसी तानाशाह ने लिखा है खत


उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने नए साल पर मुश्किल वक्त में उनके नेतृत्व का समर्थन करने के लिए धन्यवाद दिया है। नए साल का स्वागत देश में हजारों लोगों ने राजधानी प्योंगयांग में किम इल सुंग स्क्वेयर पर आतिशबाजी, नाच-गाने के साथ किया। यही नहीं, नए साल पर उन्होंने देश के नागरिकों के लिए कार्ड भी लिखा जो 1995 के बाद से पहली बार किया गया है। आमतौर पर हर साल 1 जनवरी को किम टीवी पर एक भाषण देते हैं।
दिया देश को धन्यवाद : कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक किम ने लेटर में लिखा है, ‘मैं देश के सभी परिवारों की खुशियों की कामना करता हूं और उनकी अच्छी सेहत की कामना करता हूं।’ इससे पहले किम के पिता किम इल ने ऐसा खत लिखा था जिसके बाद यह दूसरी बार किया गया है। उत्तर कोरिया दावा करता रहा है कि उसके यहां कोरोना संक्रमण का कोई मामला नहीं पाया गया है। उन्होंने ‘मुश्किल वक्त’ में पार्टी का समर्थन करने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया है। माना जा रहा है कि उनका इशारा कोरोना वायरस और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों की ओर था।
बाइडेन पर हैं निगाहें : देश में जल्द ही एक कांग्रेस का आयोजन होने वाला है जिसमें नए आर्थिक और राजनीतिक प्लान पर चर्चा की जाएगा। पांच साल में यह पहली और देश के इतिहास में आठवीं ऐसी बैठक होगी। साल 2016 में हुई कांग्रेस 36 साल बाद की गई थी। माना जा रहा है कि कांग्रेस 20 जनवरी को नव-निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के शपथग्रहण समारोह से पहले होगी। गौरतलब है कि 2019 में हनोई समिट बेनतीजा होने के बाद ट्रंप प्रशासन में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संबंधों में तनाव बरकरार रहा।
रेडियो फ्री एशिया के हवाले से डेली मेल ने लिखा है कि कोरोना नियमों को लेकर लोगों को डराने के लिए 28 नवंबर को उनके आदेश पर उत्तर कोरिया की सेना ने एक व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से गोली मार दी। आरोपी मृतक कोरोना प्रतिबंधों को तोड़ते हुए चीन से सामान की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। बता दें कि उत्तर कोरिया ने अपनी सीमा को मार्च महीने से ही आधिकारिक रूप से बंद करके रखा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर कोरियाई प्रशासन ने सीमा क्षेत्र के निवासियों को धमकाने के लिए आरोपी को सार्वजनिक रूप से गोली मारी। जिससे लोगों के मन मे दहशत कायम रहे। किम जोंग उन को शक है कि चीन की सीमा पर बसे लोग सीमा पार के लोगों के ज्यादा संपर्क में हैं। सीमा पर कई लोग ऐसे भी हैं जो चीन से तस्करी के काम में लिप्त हैं। ऐसे में उत्तर कोरिया को डर है कि इन लोगों के जरिए देश में कोरोना वायरस का प्रसार हो सकता है।
मृतक आदमी की उम्र 50 साल के आसपास बताई जा रही है। वह अपने चीनी पार्टनर के साथ कई महीनों से सीमा पार तस्करी के काम में लिप्त था। हाल के दिनों में उत्तर कोरिया के बार्डर गार्ड्स पर भी तस्करी में शामिल होने के आरोप लगे हैं। जिसके बाद से किम जोंग ने अपनी सेना की विशेष टुकड़ियों को बार्डर इलाके में तैनात किया हुआ है। जो क्रास बॉर्डर तस्करी के साथ सीमा पर तैनात बार्डर गार्ड्स पर भी नजर रखेंगे।
उत्तर कोरिया ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उसके देश में आज तक एक भी कोरोना वायरस का मामला नहीं आया है। लेकिन, उसके इस दावे पर दुनिया के अधिकतर देशों को शक है। विशेषज्ञों का भी कहना है कि उत्तर कोरिया में कड़े सेंसरशिप के कारण सही सूचना का बाहर निकलना असंभव है। ऐसे में सरकार के दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती है।

कोरोना वायरस का संक्रमण शुरू होने के बाद से ही किम जोंग उन ने अपने देश की सीमा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर रखा है। बॉर्डर पर सख्ती इतनी है कि चीन से होने वाले व्यापार को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस कारण उत्तर कोरिया में रोजमर्रा के सामानों की किल्लत हो गई है। किम जोंग की सनक से परेशान उत्तर कोरिया के लोग इसी कारण देश छोड़कर चीन जाने में ही भलाई समझ रहे हैं।

हर महीनें बड़ी संख्या में उत्तर कोरिया के नागरिक चोरी-छिपे देश छोड़कर चीन जा रहे हैं। इसी कारण किम जोंग उन की परेशानी बढ़ गई है। लोगों के इस तरह बाहर जाने से नाराज उत्तर कोरिया के तानाशाह ने अब बॉर्डर पर एंटी एयरक्राफ्ट गनों को तैनात किया है। ये गन लंबी दूरी तक लोगों के ऊपर सटीक निशाना लगा सकते हैं। इनका वार इतना घातक होता है कि कोई भी बैलिस्टिक शील्ड या बॉडी आर्मर इनकी गोलियों को रोक नहीं सकता है।

अच्छे नहीं रहे हैं संबंध : नए राष्ट्रपति बाइडेन के साथ भी उत्तर कोरिया के संबंध खास अच्छे नहीं हैं। कोरिया ने जो बाइडेन को ‘बेवकूफ’ कहा था। आधिकारिक बयान जारी कर प्योंगयांग ने यहां तक कह दिया था कि बाइडेन डिमेंशिया की आखिरी स्टेज पर हैं। यही नहीं, अधिकारियों ने उनकी तुलना पागल कुत्ते तक से कर डाली थी जिसे डंडे से पीट-पीटकर मार डालना चाहिए। दूसरी ओर, भले ही बाइडेन ने उत्तर कोरिया को लेकर अपनी नीति साफ न की हो, वह कह चुके हैं कि परमाणु हथियार कम करने पर राजी हुए बिना वह किम जोंग उन से मुलाकात नहीं करेंगे।