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Coronavirus: इलाज के बाद अस्पताल ने थमाया $11 लाख का बिल, 70 साल के मरीज ने कहा, ‘क्यों बचा मैं..’


अमेरिका के सिऐटल में रहने वाले माइकल फ्लोर (70) जब 62 दिन तक कोरोना वायरस से लड़ने के बाद स्वस्थ हुए तो उन्हें लगा कि अब उनका मुश्किल वक्त खत्म हो गया लेकिन इसके बाद जो हुआ, उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। फ्लोर को अस्पताल ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए 11 लाख डॉलर का बिल थमा दिया।
फ्लोर को स्वीडिश मेडिकल सेंटर ने इलाज के बाद जब 181 पेज का बिल पकड़ाया तो उनके होश उड़ गए। इस बिल में हर दिन 50 चीजों के हिसाब से कुल करीब 3 हजार चीजों की लिस्ट थी। 42 दिन स्पेशल आइसोलेशन चैंबर वाले इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) के लिए 4 लाख 8 हजार 91 डॉलर और 29 दिन वेंटिलेटर के लिए 82 हजार 215 डॉलर का बिल बनाया गया।
डेली मेल अखबार ने सिऐटल टाइम्स के हवाले से लिखा है कि इलाज के दौरान जब फ्लोर का दिल, किडनी और फेफड़े फेल होने लगे थे और वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे, तब उनकी जान बचाने के लिए अस्पताल ने जो इलाज किए अकेले उनका बिल एक लाख डॉलर बना है। इसके अलावा बिल की एक-चौथाई कीमत दवाओं की है।

सबसे ज्यादा मौतों के मामले में ब्राजील तीसरे नंबर पर है। यहां 36,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके राष्ट्रपति Jair Bolsonaro स्थानीय अधिकारियों उन निर्देशों के खिलाफ हैं जिनमें लोगों से घर पर ही रहने को कहा गया है। Bolsonaro इन अधिकारियों की आलोचना करते रहे हैं और पहले भी इकॉनमी को शुरू करना ज्यादा जरूरी बता चुके हैं। उन्होंने यह धमकी तक दे डाली है कि वह विश्व स्वास्थ्य संगठन को छोड़ देंगे। बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रपति के समर्थन में भी उतर आए हैं। शायद यह एक बड़ा कारण है कि देश में एक हफ्ते में सबसे ज्यादा 1 लाख 74 हजार 400 कोरोना वायरस पॉजिटिव मामले सामने आए हैं।
अमेरिका
दुनिया में सबसे ज्यादा (20 लाख 07 हजार 696) कोरोना पॉजिटिव मामले अमेरिका में ही हैं। यहां मरने वालों की संख्या भी दुनिया में सबसे ज्यादा (1 लाख 12 हजार 472) है। हालांकि, यहां भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लॉकडाउन का विरोध करते रहे हैं। इसी बीच अश्वेत अमेरिकन George Floyd की मौत के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और भी मुश्किल हो चुकी है। हालांकि, बड़ी संख्या में लोग मास्क पहनकर घरों से निकल रहे हैं लेकिन एक हफ्ते में यहां 1 लाख 49 हजार 500 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं।
भारत
भारत उन देशों में शामिल रहा जहां कोरोना की महामारी के शुरुआती दौर में ही लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। इसकी पूरी दुनिया में प्रशंसा तो हुई लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के बड़े शहरों से गांवों की ओर पलायन के बाद धीरे-धीरे मामले बढ़ने लगे। इसी बीच सरकार ने लॉकडाउन खोलना भी शुरू कर दिया है जिससे सोशल डिस्टेंसिंग पहले के मुकाबले कम होने लगी है। अब देश में कुल 2 लाख 56 हजार 611 मामले सामने आ चुके हैं और 7,200 लोगों की मौत हो चुकी है। चिंता की बात यह है कि भारत एक हफ्ते में सबसे ज्यादा मामलों वाले देशों की लिस्ट में बना हुआ है। यहां पिछले हफ्ते में 64,400 नए केस सामने आए हैं।
रूस
इस वक्त एशिया में सबसे ज्यादा मामले रूस में हैं। यहां कुल 4 लाख 76 हजार 658 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि 5,971 लोगों की मौत हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि एक हफ्ते में 61,800 नए केस सामने आने के बावजूद देश में लॉकडाउन खोला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा टेस्टिंग की वजह से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं लेकिन मृत्युदर काफी है। इसलिए स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इन्फेक्शन की दूसरी वेव की आशंका बनी हुई है।
पेरू
पेरू की राजधानी लीमा में दुनिया की सबसे बड़ी सीमेटरीज में से एक पहाड़ों पर मौजूद है। गरीबी झेल रहे पेरू में अब तक 1 लाख 96 हजार 515 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं और 5,465 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां चिंताजनक बात यह है कि एक हफ्ते में सबसे ज्यादा मामलों वाले देश में पेरू काफी समय से बना हुआ है। पिछले एक हफ्ते में यहां 36,000 नए केस पाए जा चुके हैं। ऐसे में आशंका जताई गई है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो बड़ी त्रासदी झेलनी पड़ सकती है।
नहीं चुकाना होगा बिल
फ्लोर के पास बीमा है, इसलिए कांग्रेस के कोरोना काल के दौरान बनाए विशेष नियमों के मुताबिक ज्यादातर बिल टैक्सपेयर के हिस्से से जाएगा। सिऐटल टाइम्स के मुताबिक कांग्रेस ने 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा राशि अस्पतालों और बीमा कंपनियों को महामारी के दौरान आर्थिक संकट से बचाने के लिए अलॉट की है। बीमा कंपनी के अनुमान के मुताबिक COVID-19 के इलाज की कीमत 500 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है, इसलिए कांग्रेस से और ज्यादा राशि अलॉट करने की मांग की जा रही है।

किसी और को उठाना होगा खर्चा
फ्लोर का कहना है कि उन्हें बिल देखकर बहुत बुरा लगा क्योंकि अब किसी और को इसका नुकसान उठाना होगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे जिंदा बचने के लिए बुरा लग रहा है। क्या मुझे इसका हक था?’ अमेरिका की स्वास्थ्य बीमा योजना के मुताबिक कोरोना वायरस के इलाज में औसतन 30 हजार डॉलर खर्च होते हैं। 20 लाख से ज्यादा अमेरिकी नागरिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और ज्यादातर घरों पर ही अपना इलाज कर रहे हैं लेकिन बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भी भर्ती हैं।