
COVID-19 Treatment के लिए hydroxychloroquine के इस्तेमाल को जांचने के लिए ट्रायल पर विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने फिलहाल रोक लगा दी है। इसके इस्तेमाल को लेकर सेफ्टी पर शक जताया गया है।
कुछ वक्त पहले तक मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवा हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्वीन (HCQ) को कोरोना वायरस के इलाज में भी असरदार माना जा रहा था। हालांकि, अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने COVID-19 के इलाज के तौर पर HCQ के ट्रायल पर फिलहाल रोक लगा दी है। कुछ दिन पहले ही दुनियाभर के रिसर्च प्रकाशित करने वाली मशहूर पत्रिका द लैंसेट ने कहा था कि क्लोरोक्वाइन और HCQ से फायदा मिलने का कोई सबूत नहीं मिला है।
WHO के डायरेक्टर जनरल Tedros Adhanom ने कहा है कि एग्जिक्यूटिव ग्रुप ने फिलहाल सॉलिडैरिटी ट्रायल (Solidarity trial) के अंतर्गत HCQ पर अस्थायी रोक लगा दी है। पहले डेटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड सेफ्टी डेटा की समीक्षा करेगा। ट्रायल के बाकी हिस्से जारी रहेंगे। बता दें कि सॉलिडैरिटी एक इंटरनैशनल क्लिनिकल ट्रायल है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन की पार्टनरशिप के साथ लॉन्च किया गया है। सॉलिडैरिटी ट्रायल में इलाज के चार विकल्पों की तुलना की जाएगा जिससे उनके COVID-19 पर होने वाले असर का आकलन किया जा सके।
कोविड-19 मरीजों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से कोई लाभ नहीं?
कितने मरीजों का कर चुके हैं इलाज?
इनका नाम डॉक्टर पीपी देवन है जो पिछले 30 सालों से सर्दी-जुकाम के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ता देख इन्होंने भी अपना हौसला बनाए रखा। अब तक इन्होंने 7 मरीजों का इलाज किया है जो पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। इसके लिए उन्होंने गर्म पानी और जिंक का इस्तेमाल किया, जिससे करोना वायरस को शरीर से खत्म करने में मदद मिली और वह 7 संक्रमित लोगों को इस जानलेवा वायरस से बचने में कामयाब रहे।
48 घंटे के भीतर हो इलाज
डॉक्टर देवन का कहना है कि जब मरीज के शरीर में वायरस प्रवेश करे तो उसके 48 घंटे के भीतर ही मरीज का इलाज किया जाना बहुत जरूरी है। जब मरीज को गले में खराश हो तो वह गर्म पानी पीना शुरू कर दें और उसके बाद उसे जल्द से जल्द इलाज के लिए ले जाना चाहिए। गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ेगा जिससे इलाज में मदद मिल सकती है। अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि जिंक कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए कैसा काम करता होगा? तो आइए अब अगली स्लाइड में इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देते हैं।
शरीर के लिए जिंक करता है यह काम
नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के अगर विस्तृत अध्ययन पर नजर डालें तो जिंक हमारे शरीर के कई अंगों पर विशेष प्रभाव डालता है। इस अध्ययन से यह समझा जा सकता है कि डॉक्टर देवन का इलाज किस तरह कारगर साबित हुआ।दरअसल, जिंक का सेवन करने के कारण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। इसके अलावा यह सर्दी-खांसी और कॉमन कोल्ड के लक्षणों को ठीक करने के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य करता है। जिंक, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण के साथ-साथ साथ म्युकलर डीजेनरेशन यानी बढ़ती उम्र में आंखों को कई प्रकार के रोगों से भी बचाने का काम करता है। इन सब फायदों के बीच कॉमन कोल्ड और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का गुण ही कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए शायद बेहतरीन तरीके से काम कर सका और डॉ. देवन ने जिंक और गर्म पानी से कोरोना वायरस के 7 मरीजों को पूरी तरह से ठीक कर दिया है।
इन फूड्स में पाया जाता है भरपूर जिंक
कोरोना वायरस के मरीजों को ठीक करने के लिए डॉक्टर देवन के द्वारा इस्तेमाल किए गए जिंक और गर्म पानी के सेवन को ध्यान में रखते हुए आप भी पर्याप्त मात्रा में जिंक का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए सेल्फिश, रेड मीट, नट्स जैसे- बादाम, अखरोट, अंडा, सीड्स जैसे पंपकिन सीड्स, चिया सीड्स, पालक, ब्रोकली से पर्याप्त मात्रा में जिंक की पूर्ति की जा सकती है।
कारगर नहीं है HCQ?
द लैंसेट ने दावा किया था कि मर्कोलाइड के बिना या उसके साथ भी क्लोरोक्वाइन और HCQ के इस्तेमाल से कोविड-19 मरीजों की मृत्युदर बढ़ जाती है। पत्रिका ने कहा कि ताजा रिसर्च करीब 15 हजार कोविड-19 मरीजों पर किया गया है। इससे पहले अमेरिका सरकार के विशेषज्ञों ने भी कहा था कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना वायरस के संक्रमण से होने वाली बीमारी कोविड-19 के इलाज में कारगर नहीं है।
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