
अमेरिका में पुलिस हिरासत में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत को लेकर भड़की प्रदर्शनों की चिंगारी 40 दिन बाद अभी भी विदेशों में सुलग रही है। इस मामले में बेशक अमेरिका प्रदर्शनों का दौर कुछ थम गया हो लेकिन ऑस्ट्रेलिया मे ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के समर्थन में ऑस्ट्रेलिया के बड़े शहरों में सप्ताहांत प्रदर्शन जारी हैं। इसी क्रम में रविवार को सिडनी में सैंकड़ों लोगों ने रोष प्रदर्शन किया । इस दौरान आयोजकों लोगों को मास्क और हैंड सैनिटाइजर के साथ सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की। इससे पहले शनिवार को ब्रिस्बेन, डार्विन और पर्थ में भी विरोध प्रदर्शन किए गए।
ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के परिणामस्वरूप अल्पसंख्यकों के उपचार के लिए वैश्विक जागरूकता बढ़ गई है व पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में दो प्राचीन और पवित्र आदिवासी गुफाओं के रियो टिंटो के व्याकुलता की जांच करता है। नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, स्वदेशी आबादी ऑस्ट्रेलिया की कुल आबादी का लगभग 25% का सिर्फ 3% से अधिक का प्रतिनिधित्व करती है। जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में नस्लीय भेदभाव को लेकर लगातार प्रदर्शन जारी है।
कुछ दिन पहले तक जब कोरोना वायरस के कारण अमेरिका ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर कोई नहीं दिखाई देता था वहीं, आज उसी सड़कों पर हजारों की भीड़ इंसाफ मांगने के लिए कंधे से कंधा मिलाए प्रदर्शन कर रही है। अमेरिका में तो स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लगभग 40 शहरों में कर्फ्यू का ऐलान करना पड़ा। हालांकि, बाकी देशों से किसी प्रकार के हिंसा की खबर नहीं है।
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