
भारतीय सीमा पर चीन अपने वायुसेना के उपकरणों को अपग्रेड कर रहा है और विस्तार भी कर रहा है। इसी कड़ी में उसने दो नई एयर डिफेंस पोजिशन तैयार करनी शुरू कर दी हैं जिनके मिसाइल साइट्स होने की संभावना है। सिक्किम के सामने अपने अर्ली वॉर्निंग रेडार साइट्स के पास ये पोजिशन तैयार की जा रही हैं। भारत और चीन के बीच यहां पहले 2017 में विवाद गहराया था और 2020 में भी तनाव बढ़ा था।
ओपन इंटेलिजेंस सोर्स detresfa ने चीन, भूटान और भारत के ट्राई-जंक्शन एरिया डोकलाम की सैटलाइट तस्वीर शेयर की है। इसके मुताबिक नाकू ला और डोका ला पास से 50 किमी दूर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की साइट मौजूदा एयर डिफेंस गैप के नजदीक हैं जहां पहले विवाद की स्थिति थी। भारत भी लगातार इंटेलिजेंसी सर्विलांस और रेकी मिशन कर रहा है। इस सेक्टर में तनावपूर्ण स्थिति के चलते भारत ने यहां बोईंग P-8 जैसे जेट तैनात कर रखे हैं।
पूरी सीमा पर तैनाती
यही नहीं पहले सैटलाइट से मिली तस्वीरों में यह भी साफ नजर आ रहा है कि चीन लद्दाख लेकर अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे अपने इलाके में सात हवाई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सतह से हवा में मार करने में सक्षम मिसाइलें तैनात कर रहा है। चीन ने लद्दाख से सटे अपने रुटोग काउंटी, नागरी कुंशा एयरपोर्ट, उत्तराखंड सीमा पर मानसरोवर झील, सिक्किम से सटे शिगेज एयरपोर्ट और गोरग्गर हवाई ठिकाने, अरुणाचल प्रदेश से सटे मैनलिंग और लहूंजे में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात की हैं।
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