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पोप लियो पर टिप्पणी कर ईसाई वर्ल्ड में घिरे डोनाल्ड ट्रंप, सहयोगी इटली में फूटा गुस्सा, मेलोनी ने चेताया


इटली की प्रधानमंत्री जोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की डोनाल्ड ट्रंप की पोप लियो XIV पर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।मेलोनी ने ट्रंप के शब्दों की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह बातें पूरी तरह बर्दाश्त के बाहर हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान युद्ध के बारे में पोप के बयानों पर गुस्सा जताते हुए उनको ‘विदेश नीति के लिए बहुत बुरा’ कहा है। इसी टिप्पणी को अमेरिका के सहयोगी देश इटली की पीएम मेलोनी ने अस्वीकार्य कहा है।
डोनाल्ड ट्रंप के कमेंट पर जॉर्जिया मेलोनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पोप कैथोलिक चर्च के प्रमुख हैं। ऐसे में पोप की ओर से शांति का आह्वान करना और युद्ध की निंदा करना बहुत सामान्य बात है। उन्होंने अपने पद के लिहाज से बिल्कल ठीक किया है। युद्ध के खिलाफ बोलने के लिए पोप की आलोचना नहीं की जा सकती है।
इटली में ट्रंप के बयान पर गुस्सा – जॉर्जिया मेलोनी कैथोलिक ईसाई हैं और दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार की प्रमुख हैं। उनके गठबंधन सहयोगी माटेओ साल्विनी ने कहा है कि पोप पर हमला उपयोगी या बुद्धिमानी भरा काम नहीं लगता है। इटली के विपक्षी दलों ने भी ट्रंप के बयान पर गुस्सा जताया है और इस मुद्दे पर अपनी सरकार से ज्यादा कड़ा रुख अपनाने की मांग की है।
डोनाल्ड ट्रंप की पोप पर टिप्पणियों की दुनियाभर के कैथोलिक लोगों की ओर से आलोचना हो रही है। बीबीसी के मुताबिक, इटली के जाने-माने कैथोलिक टिप्पणीकार मास्सिमो फैगियोली ने बेहद सख्त बयान देते हुए कहा है कि हिटलर या मुसोलिनी ने भी पोप पर इतने सीधे और सार्वजनिक तौर पर हमले नहीं किए थे, जो ट्रंप कर रहे हैं।
मुझे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से कोई डर नहीं है। मैं दुनिया में किसी भी युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज उठाना जारी रखूंगा। मैं डोनाल्ड ट्रंप को कोई सीध जवाब नहीं दूंगा क्योंकि मैं किसी बहस में नहीं पड़ना चाहता हूं। पोप लियो
पोप ने दिया ट्रंप को जवाब – डोनाल्ड ट्रंप ने पोप को ‘विदेश नीति के लिए खराब’ बताया था। बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह पोप के बड़े प्रशंसक नहीं हैं और बहुत कमजोर पोप से माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पोप को इसलिए चुना गया क्योंकि वे अमेरिकी थे। ट्रंप ने कहा कि अगर मैं वाइट हाउस में नहीं होता तो पोप वेटिकन में नहीं होते।
पोप लियो ने विवाद पर कहा है कि वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहते हैं। पोप ने कहा कि उन्हें ट्रंप प्रशासन से कोई डर नहीं है और वे युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। पोप ने ईरान में अमेरिका के भीषण हमलों की आलोचना की है। उन्होंने ट्रंप की ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की धमकी को बहुत गलत बताया था।