
रूस ने अपने उत्तरी पड़ोसी देश को नाटो में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी और कुछ घंटों बाद ही मिसाइल प्रणाली सहित भारी रूसी हथियारों को फिनलैंड के साथ लगती सीमा की ओर बढ़ते देखा गया। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार रात अपलोड किया गया एक अपुष्ट वीडियो दो रूसी तटीय रक्षा मिसाइल प्रणालियों को सीमा के रूसी हिस्से में एक सड़क पर चलते हुए दिखाता है, जो हेलसिंकी की ओर जाती है।
मिसाइल सिस्टम को के-300पी बैशन-पी मोबाइल तटीय रक्षा प्रणाली माना जाता है, जिसे विमान वाहक युद्ध समूहों सहित सतह के जहाजों को बाहर निकालने के लिए डिजाइन किया गया है। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा सामग्री की रूस की तरफ से तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी सरकार नाटो सदस्यता के लिए आवेदन करने पर चर्चा मध्य ग्रीष्मकाल से पहले समाप्त कर देगी।
रूसी सांसद ने कहा- इसका मतलब होगा ‘देश का विनाश’ : फिनिश बाजार अनुसंधान कंपनी द्वारा कराए गए हाल के जनमत सर्वेक्षणों में 84 प्रतिशत फिनलैंड वासियों ने रूस को ‘गंभीर सैन्य खतरे’ के रूप में देखा। सर्वेक्षण में अपनी राय प्रकट करने वालों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक था। मारिन के बयान के जवाब में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने चेतावनी दी कि इस कदम से यूरोप की सुरक्षा स्थिति में सुधार नहीं होगा और रूसी सांसद व्लादिमीर दजबारोव ने और अधिक स्पष्ट रूप से कहा कि इसका मतलब ‘देश का विनाश’ होगा।
नाटो के विस्तार से यूरोपीय महाद्वीप में आएगी ‘अस्थिरता’ : पेसकोव ने कहा, ‘हमने बार-बार कहा है कि गठबंधन टकराव की दिशा में एक उपकरण बना हुआ है और इसके आगे के विस्तार से यूरोपीय महाद्वीप में स्थिरता नहीं आएगी।’ कुछ दिनों पहले फिनलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर स्टब ने कहा था कि आने वाले कुछ सप्ताह में उनका देश नाटो में शामिल होने के लिए एक औपचारिक आवेदन दे सकता है। वहीं द टाइम्स अखबार का दावा है कि स्वीडन और फिनलैंड इस साल गर्मियों तक नाटो में शामिल हो सकते हैं।
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