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भारत-चीन युद्ध हुआ तो अटल टनल को बर्बाद कर देगी चीनी सेना: ग्‍लोबल टाइम्‍स

चीन के सरकारी भोपू ग्‍लोबल टाइम्‍स ने इशारों ही इशारों में धमकी दी है कि अगर भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ तो चीनी सेना भारत के हाल ही में बनाए गए अटल टनल को बर्बाद कर देगी। चीनी अखबार ने एक व‍िशेषज्ञ के हवाले से आरोप लगाया कि यह भारतीय इलाका बहुत कम आबादी वाला है और इस सुरंग का मकसद केवल सैनिक उद्देश्‍यों की पूर्ति करना है। हालांकि चीनी व‍िशेषज्ञ ने यह भी माना कि इस सुरंग से शांति के समय में भारतीय सैनिकों की आपूर्ति में बड़ी मदद मिलेगी।

चीनी विशेषज्ञ ने ग्‍लोबल टाइम्‍स में लिखा, ‘अटल सुरंग का युद्ध के समय कोई फायदा नहीं होगा। चीन की सेना के पास ऐसे साधन हैं जिससे इस सुरंग को बेकार बनाया जा सकेगा। भारत को संयम बरतना चाहिए और उकसावे से बचना चाहिए क्‍योंकि कोई भी ऐसा रास्‍ता नहीं बचेगा जो भारत की रणनीतिक क्षमता को बढ़ाए। वह भी तब जब चीन और भारत की सैन्‍य तैयारी में बड़ा अंतर है। व्‍यवस्थित लड़ाई की क्षमता में भारत चीन से बहुत पीछे है। ‘
‘सुरंग के बन जाने से लेह तक की दूरी काफी कम हुई’
चीनी विशेषज्ञ शोंग झोंगपिंग ने माना कि इस सुरंग के बन जाने से लेह तक की दूरी काफी कम हो गई है। इससे भारत को अपनी रणनीतिक तैयारी में मदद मिलेगी। चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि भारत चीन सीमा पर सड़कें और पुल बना रहा है। दौलत बेग ओल्‍डी को जाने वाली 255 किमी लंबी रोड पूरी हो गई है। भारत 73 महत्‍वपूर्ण सड़कें बना रहा है जो ठंड में भी जारी रहेंगी।
झोंगपिंग ने दावा किया कि भारत आधारभूत ढांचे को बनाने पर जमकर पैसा खर्च कर रहा है लेकिन इसे पूरा करने के लिए उसके पास क्षमता की कमी है। भारत के पास पठारों पर रोड बनाने का पर्याप्‍त अनुभव नहीं है। उन्‍होंने कहा कि युद्ध के समय अटल टनल कारगर नहीं होगी। भारत के नेताओं ने इस टनल का निर्माण केवल दिखावे और राजनीतिक उद्देश्‍यों के लिए किया है।
टनल के आगाज से बाद प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल टनल रोहतांग निर्माण कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बीआरओ के महानिदेशक हरपाल सिंह ने अटल टनल निर्माण की गाथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताई। साथ ही बताया कि अटल टनल निर्माण में 10 साल का लंबा समय तैयार होने में लगा।
पीएम मोदी ने आज हिमाचल प्रदेश में दुनिया की सबसे लंबी सुरंग ‘अटल टनल’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर, वित्तराज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और आर्मी के ऑफिसर रहे।
पीएम मोदी ने आज हिमाचल प्रदेश में दुनिया की सबसे लंबी सुरंग ‘अटल टनल’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर, वित्तराज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और आर्मी के ऑफिसर रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के कुल्लू जिले में मनाली-लेह मार्ग पर सामरिक महत्व की 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग (Atal Tunnel Rohtang) का शनिवार को लोकार्पण किया। लाहौल स्पीति के लिए यह समां किसी उत्सव से कम नहीं।

अटल सुरंग दुनिया में सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है और 9.02 लंबी सुरंग मनाली को सालों भर लाहौल स्पीति घाटी से जोड़े रखेगी। पहले घाटी छह महीने तक भारी बर्फबारी के कारण शेष हिस्से से कटी रहती थी। सुरंग को हिमालय के पीर पंजाल की पर्वत श्रृंखलाओं के बीच अत्याधुनिक विशिष्टताओं के साथ समुद्र तल से करीब तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है।

मनाली के सासे हेलीपेड पर पीएम मोदी का सीएम जयराम ठाकुर, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद रामस्वरूप शर्मा ने स्वागत किया। इससे पहले, पीएम मोदी हवाई जहाज से दिल्ली से सुबह सात बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे. यहां से 7:55 बजे पर मनाली के सासे हेलीपैड के लिए निकले और 9:10 बजे मनाली में उनका हेलीकॉप्टर लैंड हुआ।

अटल टनल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। आज सिर्फ अटल जी का ही सपना पूरा नहीं हुआ। बल्कि आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है। मेरा बड़ा सौभाग्य है कि आज मुझे अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला है। जैसा राजनाथ सिंह ने बताया कि मैं यहां संगठन का काम देखता था। यहां के पहाड़ों और वादियों में बहुत ही उत्तम समय बिताता था। जब अटल जी मनाली में आते थे, तो अक्सर उनके साथ बैठता और गपशप करता था।

दुनिया की सबसे लंबी सुरंग ‘अटल टनल’ का उद्घाटन
बता दें कि शनिवार को पीएम मोदी ने हिमाचल प्रदेश में दुनिया की सबसे लंबी सुरंग ‘अटल टनल’ का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘अटल टनल’ लेह- लद्दाख की लाइफलाइन बनेगा। इस टनल से मनाली और केलॉन्ग के बीच की दूरी 3-4 घंटे कम हो ही जाएगी। बता दें कि पहाड़ काटकर बनाई गई अटल सुरंग से मनाली से लेह के बीच यात्रा सुगम होगी।

इसके अलावा भारत में भी नदियां और समुद्र कई आश्चर्यजनक पुलों के गवाह हैं, जिनके निर्माण में बेहतरीन आर्किटेक्चर और शानदार इंजिनियरिंग के नमूने देखने को मिलते हैं। यात्रियों को आकर्षित करने वाले ये पुल कहीं पैदल, कहीं रेल और कुछ जगह सड़क पुल के रूप में न केवल दूर-दराज के स्थानों को जोड़ते हैं, बल्कि बड़े शहरों में यातायात को भी आसान बनाते हैं। इतना ही नहीं, कई पुल ऐसे भी हैं, जिनकी तस्वीरें देखने लायक हैं।