
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार धर्म के नाम पर भीड़ की हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को नहीं बख्शेगी। वह मारे गए श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित एक शोक सभा को संबोधित कर रहे थे। उनकी पिछले हफ्ते पंजाब प्रांत के सियालकोट में ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और उसके शव को आग लगा दी थी।
उन्होंने कहा, ‘धर्म की आड़ में हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।’ इमरान खान ने कहा कि सियालकोट की घटना ने देश को ‘ऐसी घटनाओं को समाप्त करने’ के लिए एक बिंदु पर ला खड़ा किया है। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि पाकिस्तान में लोग पवित्र पैगंबर के नाम पर दूसरों की हत्या कर रहे हैं और ईशनिंदा के आरोपी जेलों में सड़ रहे हैं क्योंकि वकील और न्यायाधीश ऐसे मामलों में सुनवाई करने से डरते हैं।
‘सियालकोट जैसी घटनाएं शर्म की बात’ : खान ने कहा कि पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश है जिसकी स्थापना इस्लाम के नाम पर हुई थी, लेकिन सियालकोट जैसी घटनाएं शर्म की बात हैं। उन्होंने कहा कि ‘हम पूरी तरह से अलग दिशा में जा रहे हैं’ और राष्ट्र को पैगंबर के जीवन का अध्ययन करना चाहिए। खान ने कहा कि सियालकोट के व्यापारिक समुदाय ने मृतक श्रीलंकाई नागरिक के परिवार के लिए 100,000 डॉलर एकत्र किए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को जीवनपर्यंत अवधि के लिए उनका (मृतक) मासिक वेतन मिलेगा।
इमरान बोले- देश के लिए रोल मॉडल जरूरी : खान ने कहा, ‘देश में रोल मॉडल महत्वपूर्ण हैं क्योंकि लोग उनका अनुसरण करते हैं,’ उन्होंने कहा, ‘नैतिक शक्ति शारीरिक शक्ति से अधिक महत्वपूर्ण होती है।’ उन्होंने कहा कि युवा इस बात को याद रखेंगे कि कैसे अदनान ने उन राक्षसों (भीड़) का सामना किया। अदनान को इस कार्य के लिए ‘तमगा-ए-शुजात’ पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है जो उन्हें अगले साल 23 मार्च को मिलेगा। अदनान ने श्रीलंकाई नागरिक को भीड़ से बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी थी।
बीच सड़क पर महिलाओं को पिटाई करते लोग : जब इमरान खान हिंसा पर ज्ञान दे रहे थे तब पाकिस्तान से एक बेहद शर्मनाक और वीभत्स वीडियो सामने आया। फैसलाबाद के इस वीडियो में कुछ पुरुष दो महिलाओं की पिटाई करते हुए नजर आ रहे हैं जो नग्न अवस्था में हैं। वीडियो के साथ दावा किया गया कि ये महिलाएं चोरी करती हुईं पकड़ी गईं हैं जिसके बदले में इनके कपड़े उतरवा दिए गए और इनकी पिटाई की गई। क्या देश मर चुका है और न्याय देने में सक्षम नहीं है, क्या भीड़ न्याय ही एकमात्र रास्ता बचा हुआ है।’
वीडियो के नीचे कई लोगों ने न सिर्फ पाकिस्तान के भीड़ तंत्र की निंदा की बल्कि इस वीडियो को भी आपत्तिजनक बताया। एक यूजर ने पंजाब पुलिस के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा कि कृपया इस वीडियो को डिलीट कर दें। पंजाब पुलिस ने अपनी ट्वीट में महिलाओं को पीटने वाले पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है।
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