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अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहली बार पहुंचा भारत का युद्धपोत


भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा ने इस महीने अमेरिका पहुंचकर इतिहास रच दिया। यह युद्धपोत आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के सैन डिएगो पहुंचा था। यह पहला मौका था, जब भारतीय नौसेना का कोई युद्धपोत उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहुंचा था। इस मौके को खास बनाने के लिए अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू खुद सैन डिएगो पहुंचकर भारतीय युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा पर सवार हुए। संधू के साथ यूएस डिपार्टमेंट ऑफ नेवी के सेक्रेटरी कार्लोस डेल टोरो भी मौजूद रहे। आईएनएस सतपुड़ा की अमेरिका यात्रा भारतीय नौसेना की छह महाद्वीपों, तीन महासागरों और छह अलग-अलग टाइम जोन में युद्धपोतों की रणनीतिक तैनाती का हिस्सा था। भारत ने आजादी के 75 साल पूरा होने के मौके पर यह दिखाया कि उसकी नौसेना दुनिया के किसी भी हिस्से में ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम है।
स्टील्थ मल्टीरोल फ्रिगेट है आईएनएस सतपुड़ा : आईएनएस सतपुड़ा भारतीय नौसेना में शामिल शिवालिक क्लास का स्टील्थ मल्टी-रोल फ्रिगेट है। यह पिछले तलवार क्लास के युद्धपोतों की तुलना में उन्नत स्टील्थ फीचर से लैस है। इतना ही नहीं, इस युद्धपोत को दुश्मनों के रणनीतिक ठिकानों पर हमला करने के लिए कई नए शक्तिशाली वेपन सिस्टम से लैस किया गया है। आईएनएस सतपुड़ा मुंबई में मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) में बनाया गया था। इसकी नींव 31 अक्टूबर 2002 को रखा गई, जबकि 4 जून 2004 को लॉन्च किया गया था। 2010 तक इस युद्धपोत के कई समुद्री परीक्षण भी किए गए। इस दौरान जरूरत को देखते हुए कुछ बदलाव भी हुए। इसके बाद आईएनएस सतपुड़ा को 20 अगस्त 2011 को विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसेना कमान में कमीशन कर दिया गया।