
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दिनों तेहरान और वॉशिंगटन के बीच टकराव और बढ़ता ही जा रहा है। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडर ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश अमेरिका के किसी भी सैन्य दबाव का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
हम अपने दुश्मनों को जवाब दे सकते हैं : ईरानी सेना के जनरल हुसैन सलामी ने तेहरान विश्वविद्यालय में पूर्व जनरल कासिम सुलेमानी की याद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिका पर जमकर निशाना साधा। सलामी ने अमेरिका का नाम लिये बगैर कहा कि आज हमें किसी भी शक्ति का सामना करने में कोई समस्या, चिंता या आशंका नहीं है। हम अपने दुश्मनों को युद्ध के मैदान में आखिरी जवाब दे सकते हैं।
सुलेमानी को लेकर अमेरिका पर हमला : इस मौके पर ईरान के शीर्ष अधिकारियों के साथ ही सीरिया, फलस्तीन के नेता और लेबनानी आंदोलन के नेता और सुलेमानी के परिवार के सदस्य मौजूद थे। ब्रिगेडियर जनरल इस्माईल घानी ने कार्यक्रम में अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि शक्तियों का फिर से सामना करने को लेकर ईरान में भय नहीं है।
नहीं बचेंगे सुलेमानी के हत्यारे : ईरान के न्यायपालिका के प्रमुख इब्राहिम रायसी ने कहा कि सुलेमानी की हत्या में जिन लोगों की भूमिका थी, वे कानून और न्याय से बच नहीं पाएंगे, भले ही वह अमेरिका के राष्ट्रपति क्यों न हों। ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने शुक्रवार को कहा कि क्षेत्र में किसी भी संभावित दुस्साहस के परिणामों की जिम्मेदारी वाशिंगटन पर होगी।
अमेरिका ने ईरान के पास भेजा परमाणु बॉम्बर : उधर अमेरिका ने बी-52 बॉम्बर की उड़ान संचालित करने के साथ ही फारस की खाड़ी में एक परमाणु पनडुब्बी भेजी है। अमेरिका ने जिन B-52 बॉम्बर्स को खाड़ी देशों में तैनात किया है, वे परमाणु क्रूज मिसाइल से भी हमला कर सकते हैं। अमेरिकी सेना के इस विमान को लेकर कहा था कि ‘जब हम उड़ान भरते हैं तो तत्काल लक्ष्य खतरे में आ जाता है।’ अमेरिका की एयर लॉन्च क्रूज मिसाइल (ALCM) 2500 किलोमीटर की दूरी परमाणु बम गिराने में सक्षम है।
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