
ईरान ने डब्ल्यूएचओ के फंड रोके जाने के अमेरिका के फैसले शर्मनाक करार दिया है। ईरान का कहना है कि दुनिया देख रही है कि अमेरिका कैसे लोगों को मारता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ को दिया जाने वाला फंड रोके जाने के डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर अब ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाया है। ईरान ने कहा कि ट्रंप के फैसले से दुनिया देख रही है कि अमेरिका लोगों को मारता है। दरअसल, अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ पर आरोप लगाया है कि वह कोरोना वायरस की स्थिति को संभालने में नाकाम रहा और साथ ही चीन बहुत अधिक पक्ष लिया है।
उधऱ, ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने ट्रंप के इस फैसले को लेकर ट्वीट किया, ‘महामारी के दौरान फंड को रोकना शर्मनाक है। दुनिया वही देख रही है कि जो ईरान हमेशा सहता आया है।’ दरअसल अमेरिका ने 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से 2018 में हटने की घोषणा करते हुए उसपर कई प्रकार के प्रतिबंध लगा दिए थे, जिस संबंध में जरीफ ने यह बात कही। जरीफ ने आगे लिखा, ‘ अमेरिकी शासन की ये चालें, धमकियां और झगड़ालू रवैया सिर्फ उसकी एक लत ही नहीं है बल्कि यह लोगों को मरने देने की उसकी पुरानी आदत है।’
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को डब्ल्यूएचओ को सालाना दिए जाने वाले 40 से 50 करोड़ डॉलर के फंड पर रोक लगाने का फैसला किया। इसके बाद डब्ल्यूएचओ चीफ मुश्किलों में पड़ गए हैं। वह अब दूसरे साझीदारों से वित्तीय गैप को भरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को बताया कि अमेरिकी फंड रोके जाने के बाद हमारे कार्यों पर हुए असर की हम अभी समीक्षा कर रहे हैं।
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