
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने G20 के मंच से कहा कि मिलिट्री सॉल्यूशन से दुनिया की चुनौतियां हल नहीं होंगी। उन्होंने ग्लोबल लीडर्स से डिप्लोमेसी को मौका देने की अपील की। अमेरिका के अटलांटा शहर में हो रही G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में उन्होंने यह बात कही। मीटिंग के पहले प्लेनररी सेशन में भारतीय विदेश मंत्री ने सिविलियन जहाजों और नाविकों पर हमलों के बारे में चिंता जताई और इसे रोकने की मांग की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि “G20 विदेश मंत्रियों की पहली प्लेनरी बैठक में हिस्सा लेकर खुशी हुई। इस पर जोर दिया गया कि ग्लोबल चुनौतियों के सामने मिलिट्री सॉल्यूशन काम नहीं करेंगे और डिप्लोमेसी को एक मौका दिया जाना चाहिए।”
जयशंकर ने बैठक उठाए ये मुद्दे – उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ सिविलियन शिपिंग और नाविकों पर हमलों के नतीजे बहुत ज्यादा भुगत रहा है। इसके ईधन, खाना और फर्टिलाइजर की उपलब्धता और कीमत खतरे में पड़ रही है।
भारतीय विदेश मंत्री ने नेविगेशन की आजादी को बनाए रखने और इंटरनेशन कानून खासकर UN कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ सी को लागू करके नागरिक जहाजों पर तत्काल हमले रोकने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत और लाइबेरिया ने नाविकों की सुरक्षा के लिए साझा पहल शुरू की है।
उन्होंने इस बात की आलोचना की कि मार्केट में बाढ़ लाकर, सप्लाई चेन को हथियार बनाकर, मार्केट तक पहुंच को कम करके और मार्केट में गड़बड़ी को बढ़ावा देकर इंडस्ट्रिलायज ग्रोथ को रोका जा रहा। उन्होंने कहा, “इसे रोकना होगा।”
उन्होंने दुनिया के जोखिम को करने और अलग-अलग तरह के काम करने के साथ-साथ मजबूत और दूसरी कनेक्टिविटी बनाने की अहमियत पर जोर दिया।
उन्होंने आतंकवाद के खतरे को नजरअंदाज करने को लेकर चेतावनी दी और कहा कि यह एक हाई-रिस्क एक्टिविटी है जो इसे करने वालों को भी नुकसान पहुंचाती है।
Home / News / ‘मिलिट्री सॉल्यूशन काम नहीं करेंगे’, G-20 के मंच से जयशंकर ने कह दी दो टूक, डिप्लोमेसी को मौका देने की अपील
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