
US नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ऐलर्जी ऐंड इंफेक्शियस डीजिजेज (NIAID) और अमेरिकी बायोटेक कंपनी Moderna के अनुसंधानकर्ताओं के मिलकर विकसित किए गए अनुसंधानात्मक टीके के पहले फेज के ट्रायल में यह बात सामने आई कि इससे वृद्धों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Immune Response) पैदा हुई।
‘न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक प्रायोगिक वैक्सीन mRNA-1273 को परीक्षण में शामिल व्यक्तियों ने अच्छी तरह से सहन किया। NIAID के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार वृद्ध व्यक्तियों पर कोविड-19 की जटिलताओं का अधिक खतरा रहता है और ये टीकाकरण के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
‘वृद्ध वर्ग पर असर पता करना अहम हिस्सा’
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि यह टीका इस वर्ग के लोगों पर किस तरह का प्रभाव डालता है, यह इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता का पता लगाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रथम चरण का परीक्षण 16 मार्च 2020 को शुरू हुआ था और इसे इसमें वृद्धों को पंजीकृत करने के लिए बाद में करीब एक महीने बढ़ा दिया गया था।
वैज्ञानिकों ने कहा कि इसके तहत परीक्षण में 40 स्वस्थ स्वयंसेवकों को पंजीकृत किया गया। इनमें 20 की आयु 56 से 70 वर्ष और 20 की आयु 71 वर्ष या उससे अधिक थी।
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