
नासा वैज्ञानिकों ने ऐसे विशेषता वाले पहले ग्रह ‘सुपर-अर्थ’ की खोज की है, जहा जीवन की उम्मीद हो सकती है। यह ग्रह सौर मंडल के बाहर मिला है। धरती से यह करीब 31 प्रकाश वर्ष दूर है। इस ‘सुपर-अर्थ’ (super Earth) ग्रह को जीजे 357-डी (GJ 357d) नाम दिया गया है। इस ग्रह की खोज नासा के सेटेलाइट से की गई है। नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट के जरिए इस साल के शुरू में यह ग्रह खोजा गया था।
आकार में धरती से है बड़ा
अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर और टीईएसएस विज्ञान टीम की सदस्य लिजा कलटेनेगर ने कहा, ‘यह उत्साहजनक है कि समीप में पहला सुपर अर्थ मिला है। इस पर जीवन की संभावना हो सकती है। यह आकार में धरती से बड़ा है। इस पर घना वातावरण देखने को मिला है। जीजे 357-डी पर अगर जीवन का कोई संकेत मिलता है तो यहां पर हर किसी की आने की चाहत होगी।’ पिछली फरवरी में ही टीईएस सैटेलाइट ने पता लगाया था कि जीजे 357 हर 3.9 दिनों में थोड़ा मंद हो रहा था। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि इसके आस-पास कोई ग्रह चक्कर का लगा रहा है। नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के अनुसार, यह ग्रह जीजे 357 बी था, जो पृथ्वी से लगभग 22 फीसदी बड़ा है।
तरल रूप में हो सकता है पानी
नए ग्रह की खोज से संबंधित यह अध्ययन एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित हुआ है। विज्ञानी लिजा कलटेनेगर ने कहा कि जीजे 357-डी की सतह पर हमारी धरती की तरह पानी तरल रूप में हो सकता है। टेलीस्कोप की मदद से इस पर जीवन के संकेतों की पहचान कर सकते हैं। इसके बारे में जानकारी जल्द ही ऑनलाइन जारी की जाएगी। ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस) एक अंतरिक्ष टेलीस्कोप है। इसे नासा ने ग्रहों की खोज के लिए 18 अप्रैल, 2018 को लांच किया था। यह सैटेलाइट दो साल तक काम करता रहेगा।
एस्ट्रोनोमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स नामक जर्नल में स्पेन के इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स ऑफ द कैनरी आइलैंड और यूनिवर्सिटी ऑफ ला लागुना के खगोलविदों ने कहा है कि उन्होंने जीजे 357 सिस्टम का पता लगाया है। इसमें कुल तीन ग्रह हैं, जिसमें से एक ग्रह (जीजे 357-डी) में रहने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हो सकती हैं। इसके अलावा इसमें एक बौना ग्रह (जीजे 357) भी है, जो सूर्य के आकार का एक तिहाई हिस्सा लगता है।
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