
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) एक ऐसे खास तरीके का प्लेन को बनाने में लगी है जो ऐस्टरॉइड (Asteroids) से टकराकर उसका रास्ता मोड़ देगी। इससे अंतरिक्ष में चक्कर काट रहे ऐस्टरॉइड (Asteroids) के पृथ्वी (Earth) से टकराने का खतरा नहीं रहेगा।
अब दुनिया को बचाने के लिए ऐस्टेरॉयड से टक्कर लेगी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासादुनिया में दहशत का पर्याय बना पहाड़ के बराबर आकार वाला ऐस्टरॉइड (Asteroid 1998 OR2) बुधवार को धरती के पास से बिना किसी नुकसान से गुजर गया। एक मील चौड़ा यह ऐस्टरॉइड 19,000 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार पर धरती से सबसे नजदीक आकर निकल गया। इस ऐस्टारॉइड को लेकर लोगों में दहशत पैदा हो गई थी कि क्या यह धरती से टकराएगा या इससे कोई प्रलय आने वाला है। अब भविष्य में ऐसे किसी संकट से धरती को बचाने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कमर कस ली है।
ऐस्टरॉइड से टक्कर लेगा नासा का खास प्लेन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी धरती को बचाने के लिए एक यान छोड़ने की योजना बना रही है। इसके जरिए पृथ्वी की तरफ आ रहे एक एस्टेरॉयड का रास्ता बदला जाएगा। नासा एक यान छोड़कर उसे रोकना चाहता है जो 14,500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उस एस्टेरॉयड से टकराएगा। इस बीच 1998 ओआरटू नाम का यह विशाल एस्टेरॉयड आज पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरा। एक विशेषज्ञ ने दावा किया कि अगर 2.5 मील चौड़ा यह एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराता तो पूरी मानव सभ्यता को खत्म कर सकता था।
एस्टेरॉयड की सतह से टकराएगा नासा का प्लेन
अब नासा से खतरनाक एस्टेरॉयड से धरती को बचाने के लिए एक नई योजना बनाई है। अगले साल जुलाई में नासा एक अंतरिक्ष यान छोड़ेगा जो पृथ्वी की ओर आ रहे एक एस्टेरॉयड की सतह से टकराएगा और इसकी दिशा मोड़ देगा। यह टक्कर इतनी दूर होगी कि इससे पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं होगा। डबल एस्टेरॉयड रिडायरेक्शन टेस्ट (डार्ट) कुछ एस्टेरॉयड को निशाना बनाएगा। यह डायडीमॉस नाम के एस्टेरॉयड का चक्कर लगा रहे एक छोटे एस्टेरॉयड पर आधा टन का प्रोजेक्टाइल छोड़ेगा। इसे डायडीमून नाम दिया गया है।
फ्रिज के आकार का है नासा का इम्पैक्टर
लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी के मीगन ब्रक स्याल ने कहा कि यह किसी असली एस्टेरॉयड पर काइनैटिक इम्पैक्टर टेक्नोलॉजी का परीक्षण करने का बेहतरीन मौका है। फ्रिज के आकार के इम्पैक्टर को डायडीमून पर भेजने से पहले टक्कर को कैद करने के लिए उस पर एक छोटा कैमरा लगाया जाएगा। नासा के पूर्व अंतरिक्षयात्री एड लू ने कहा कि यह उत्सुकता जगाने वाली खबर है। लू अब बी612 फाउंडेशन के प्रमुख है। यह एक गैर सरकारी संस्था है जो एस्टेरॉयड का पता लगाने और उनका रास्ता बदलने की दिशा में काम करती है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि डार्ट एक शानदार अभियान है।’
खतरनाक श्रेणी में हैं कुल 2,078 एस्टेरॉयड
नासा के प्लेनेटरी डिफेंस ऑफिसर लिंडसे जॉनसन ने कहा कि अभी करीब 2,078 एस्टेरॉयड को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘अंतरिक्ष में सैकड़ों एस्टेरॉयड हैं। हम ऐसे एस्टेरॉयड को अलग करना चाहते हैं जिन पर लगातार नजर रखनी चाहिए।’ नासा 140 मीटर चौड़ी हर उस चीज को खतरनाक एस्टेरॉयड मानता है जिसके निकट भविष्य में पृथ्वी के 50 लाख मील के दायरे में आने की संभावना है। भले ही यह दूरी बहुत ज्यादा लगती है लेकिन एस्टेरॉयड के रास्ते में मामूली बदलाव उसे पृथ्वी की तरफ मोड़ सकता है।
जून में पृथ्वी के पास से गुजरेगी दो मील लंबी चट्टान
जॉनसन ने कहा कि नासा ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह दूरी निर्धारित की है। उन्होंने कहा, ‘हमारा सबसे अहम काम उन्हें खोजना और अपनी सूची में शामिल करना है ताकि वे हमें चौंका न सकें। दो मील लंबी एक चट्टान 1990 एमयू 6 जून, 2027 को पृथ्वी के करीब से गुजरेगी। जॉनसन ने कहा, ‘हम नहीं चाहते हैं कि कोई इतनी बड़ी चीज पृथ्वी से टकराए।’ NASA के मुताबिक ऐसे करीब 22 ऐस्टरॉइड्स (उल्कापिंड) हैं जो आने वाले सालों में धरती के करीब आ सकते हैं और टक्कर की संभावनाएं हो सकती हैं।
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