
होर्मुज स्ट्रेट में करीब दो महीने से चल रही तनातनी कम होने के संकेत मिले हैं। लंबी रुकावट के बाद तेल और गैस की खेप होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने लगी है। जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली वेबसाइट ने बताया है कि इस हफ्ते कम से कम दो टैंकर इस समुद्री रूट से कामयाबी के साथ निकले है। ईरान और अमेरिका के बीच अभी तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बनी है लेकिन ऐसे संकेत हैं कि होर्मुज पर दोनों पक्ष नरम पड़ रहे हैं। इससे भारत को राहत मिलेगी, भारत के लिए यह एक अहम रूट है।
ब्लूमबर्ग की ओर से संकलित जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि एलएनजी टैंकर मुबाराज सफलतापूर्वक इस महत्वपूर्ण मार्ग से निकला है, जो संघर्ष शुरू होने के बाद से इस तरह की पहली यात्रा है। अबू धाबी में एडीएनओसी के दास द्वीप संयंत्र में लोड किया गया यह जहाज मार्च के अंत में दिखना बंद हो गया था लेकिन इस सप्ताह श्रीलंका के पास फिर से दिखाई दिया। यह जहाज एलएनजी लेकर चीन जा रहा है।
होर्मुज से गुजरे जहाज – जापान की इदेमित्सु कोसान की ओर से संचालित कच्चे तेल के सुपरटैंकर इदेमित्सु मारू ने होर्मुज जलमार्ग को पार किया है। इदेमित्सु मारू दो मिलियन बैरल सऊदी कच्चा तेल लेकर जापान कजा रहा है। यह जहाज खाड़ी में एक होल्डिंग पोजीशन से निकला और होर्मुज से गुजरा। इस रूट के शुरू होने से खासतौर से एशिया के मुल्कों को राहत मिलेगी, जो एनर्जी सप्लाई में कमी के चलते संकट का सामना कर रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि इन दोनों जहाजों की गतिविधियां बताती हैं कि ऊर्जा प्रवाह धीरे-धीरे शुरू हो सकता है, हालांकि यह अभी सामान्य स्तर से नीचे है। इदेमित्सु मारू ने लारक चैनल से परहेज किया है, जो ईरान के लारक और केशम द्वीपों के पास का उत्तरी मार्ग है। यानी उच्च जोखिम वाले माने जाने वाले जलक्षेत्र में नौकायन करने वाले जहाज संचालकों में अभी भी सतर्कता बनी हुई है।
जापानी रिफाइनर इदेमित्सु-2 मिलियन बैरल कच्चे तेल लेकर होर्मुज से गुजरा है। बाजार के जानकार इस यात्रा को काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। जापानी जहाज मालिकों ने ऐतिहासिक रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा जोखिमों के प्रति बेहद सतर्क रवैया अपनाया है। ऐसे में यह यात्रा उनके संयमित आत्मविश्वास का उल्लेखनीय संकेत है।
ईरान-अमेरिका में तनाव जारी – होर्मुज में ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अमेरिकी अधिकारी संघर्ष को समाप्त करने और महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे को फिर से खोलने के उद्देश्य से ईरान के साथ संभावित ढांचागत समझौते की समीक्षा कर रहे हैं। प्रस्तावित समझौते में पहले जहाजों की आवाजाही बहाल करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जबकि परमाणु संबंधी अधिक विवादास्पद वार्ताओं को स्थगित कर दिया जाएगा।
Home / Uncategorized / होर्मुज से गुजरने लगे ऑयल टैंकर, पूरी तरह खुल सकता है यह समुद्री गलियारा, भारत को मिलेगी बड़ी राहत
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