
रूस के अधिकारियों ने बुधवार को सरकारी टेलीविजन चैनल की एक पूर्व पत्रकार के घर पर छापा मारा जिसने यूक्रेन में रूस के युद्ध के खिलाफ चैनल पर प्रदर्शन करने के बाद इस्तीफा दे दिया था। महिला पत्रकार के वकील ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी देते हुए बताया कि अधिकारियों ने उसके खिलाफ रूसी सशस्त्र बलों के बारे में झूठी जानकारी फैलाने के आरोप में आपराधिक मामला भी दर्ज किया है।
पत्रकार मारिना ओवस्यानिकोवा के खिलाफ मामला उस कानून के तहत दायर किया गया है जिसे 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमले के बाद लागू किया गया था। वकील दमित्री जाखवातोव ने यह बात कही। इस मामले में दोषी ठहराये जाने पर 15 साल तक के कारावास की सजा सुनाई जा सकती है।
जाखवातोव ने स्वतंत्र समाचार वेबसाइट मेदुजा से कहा कि मामला महिला पत्रकार द्वारा पिछले महीने किये गये प्रदर्शन से जुड़ा हो सकता है जिसमें उन्होंने एक बैनर दिखाते हुए कहा था कि रूस के राष्ट्रपति
व्लादिमीर पुतिन ‘‘हत्यारे हैं, उनके सैनिक फासीवादी हैं।’’वकील ने टेलीग्राम पर लिखा कि छापे के बाद ओवस्यानिकोवा से जांच समिति पूछताछ कर सकती है।
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