
20 सालों के बाद एक बार फिर काबुल पर तालिबान का कब्जा हो गया है। सत्ता हाथ में आते ही तालिबानियों ने जुल्म की इंतिहा कर दी है। लोग तालिबान के डर से जान जोखिम में डालकर अफगानिस्तान से भाग रहे हैं। कुछ ऐसे हैं जो तालिबानी हुकूमत के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की कोशिश कर रहे हैं तो उनके साथ और ज्यादती हो रही है। उनको सरेराह बांधकर पीटा जा रहा है। तालिबान के जुल्म का आलम ऐसा है कि बड़े तो बड़े, बच्चे भी अपनी जान पर खेलकर कंटीली दीवारों को फांद जा रहे हैं।
सड़कों पर हो रही अंधाधुंध फायरिंग : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल की सड़कों पर तालिबानी लड़ाकों ने अपनी दहशतगर्दी जारी रखी। एयरपोर्ट से लगी दीवारों पर चढ़ रहे लोगों पर फायरिंग की गई। कई जगह डर का माहौल छाया रहा।
बच्चे फांद रहे कटीली दीवारें : काबुल एयरपोर्ट के बाहर वाली दीवार पर एक छोटी बच्ची बचने के लिए जा चढ़ी। वहां मौजूद अमेरिकी सैनिकों ने बच्ची को एयरपोर्ट के अंदर ले लिया। कई लोगों को इसी तरह अपनी जान बचानी पड़ रही है।
विरोध करने वाले बांधकर पीटे जा रहे : तालिबान का विरोध करने वाले लोगों के साथ लड़ाके बदसलूकी कर रहे हैं। उन्हें पीटा जा रहा है और सरेआम मुंह पर कालिख पोती जा रही है। एक चोर के मुंह में तो सबके सामने जूता ठूंस दिया गया।
महिलाओं के पोस्टर्स पर कालिख पोत दी गई : तालिबान ने महिलाओं की तस्वीर वाले पोस्टर्स को या तो फाड़ दिया है या उन पर कालिख पोत डाली है। तालिबान ने कहा था कि महिलाओं को अधिकार मिलेंगे, लेकिन यह इस्लामिक कानून के मुताबिक होगा।
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