
ब्रिटेन के ब्रिस्टल शहर में जिस स्थान पर दास कारोबारी की पहले प्रतिमा लगी थी उस स्थान पर एक कलाकार ने ‘काले लोगों का जीवन मायने रखता है’ का प्रदर्शन कर रहे एक प्रदर्शनकारी की प्रतिमा लगाई है। प्रदर्शनकारियों ने सात जुलाई को ब्रिस्टल बंदरगाह पर लगी एडवर्ड कोलस्टॉन की प्रतिमा गिरा दी थी। उसके स्थान पर मार्क क्विन्न नामक एक कलाकार ने काली महिला प्रदर्शनकारी जेन रीड से मिलती जुलती प्रतिमा लगाई है। इस प्रतिमा को शीर्षक दिया गया है ‘‘ ताकत का उदय (जेन रीड)”। प्रतिमा को बुधवार सुबह प्रशासन की मंजूरी के बिना लगाया गया।
उल्लेखनीय है कि कोलस्टॉन 17वीं सदी का दास कारोबारी था जिसने अफ्रीका महाद्वीप से लोगों को पकड़ कर गुलाम बनाया और यूरोप एवं अमेरिका में उनकी बिक्री से बहुत अधिक कमाई की। उसने इस कमाई से ब्रिस्टल में कई स्कूलों और धमार्थ कार्यों के लिए धन दिया। ब्रिस्टल लंदन से करीब 195 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित है। अमेरिका के मिनियापोलीस में काले जॉर्ज फ्लॉयड की मई महीने में पुलिस के हाथों हुई हत्या के खिलाफ पूरी दुनिया में नस्लवाद एवं दासता के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन के तहत प्रदर्शनकारियों ने कोलस्टॉन की मूर्ति को गिरा दिया था।
क्विन्न ब्रिटेन के मशहूर मूर्तिकार हैं। उन्होंने कहा कि रीड ने प्रतिमा का निर्माण किया जब वह प्रतिमा स्थल के सामने खड़ी होकर हाथ उठाया, अब हम उसे मूर्त रूप दे रहे हैं।” रीड ने ब्रिटिश अखबार गार्जियन से कहा कि नयी प्रतिमा अतुलनीय है और यह संवाद को जारी रखने में मदद करेगी। शहर प्रशासन ने कोलस्टॉन की प्रतिमा को हटा दिया है और कहा कि उसे संग्राहलय में ‘काले लोगों का जीवन भी मायने रखता है’ की तख्ती के साथ रखा जाएगा।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website