
विश्व के अधिकतर देशों में फैल चुके कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं लेे रहा है और अब तक इस खतरनाक वायरस से 26,934 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 590,899 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। वहीं कुछ ही महीनों पहले कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा पीड़ित और मौत का शहर बन चुका वुहान अब हाई रिस्क सिटी भी नहीं रहा। चीन में वुहान को अब मीडियम रिस्क सिटी में रखा गया है। चीन के 80 फीसदी व्यापार सामान्य हो चुके हैं।
एयरलाइंस में भी 50 फीसदी यात्री संख्या वापस
दरअसल चीन में जिंदगी वापस पटरी पर आने लगी है। यहां तक कि वुहान शहर को भी हाई रिस्क से हटाकर मीडियम रिस्क वाले शहरों की श्रेणी में डाल दिया गया है। बाजार खुल चुके हैं और लोग बाहर निकलने लगे हैं। 9 हफ्ते बाद हुबेई से लॉकडाउन हटा लिया गया है। यहां 50 फीसदी बड़ी कंपनियों ने काम शुरू कर दिया है, जबकि पूरे चीन में 90% बड़ी कंपनियों में उत्पादन शुरू हो चुका है। हालांकि छोटी और मझौली कंपनियां अभी संघर्ष कर रही हैं। चीन के 80% बिजनेस सेंटर खुल चुके हैं। यहां तक कि रेस्तरां, होटल और जिम के बिजनेस भी दोबारा शुरु हो चुके हैं। एयरलाइंस में भी 50 फीसदी यात्री संख्या वापस आ चुकी है।
चीन में 80 फीसदी बिजनेस सेंटर दोबारा खुले
बिजनेस सेंटर में से 80 फीसदी वापस शुरु हो चुके हैं। दीगर बात है कि शुक्रवार को शंघाई से 200 से ज्यादा सिनेमा को भी शुरु किया गया था मगर कुछ ही देर में ये अनुमति वापस ले ली गई। मगर कोरोना से दोबारा पीड़ित होने के डर से विदेशियों की एंट्री अभी बंद ही रखी गई है। अलबत्ता पहले से चीन में रह कर काम कर रहे या छात्रों को भी दोबारा वीजा के लिए अप्लाई करना होगा।
दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में कैद
कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर के देशों में देखने को मिल रहा है। भारत भी इस जानलेवा वायरस के संक्रमण की चपेट में है। अब तक 21,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना को और फैलने से रोकने के लिए 200 करोड़ से अधिक लोगों को उनके घरों में ‘कैद’ कर दिया गया है। यानी दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में रहने को मजबूर है। सरकार की ओर से कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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