
पाकिस्तानी पत्रकार इमरान रियाज खान की गिरफ्तारी का मुद्दा विवादों में फंसता जा रहा है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पत्रकार की गिरफ्तारी को लेकर शहबाज शरीफ सरकार पर हमला बोलते हुए विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। उधर, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर तुरंत सुनवाई करते हुए इस मामले को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का बताया है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को लाहौर हाईकोर्ट में अपील करने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि अटॉक पुलिस ने इमरान रियाज खान को मंगलवार रात इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में गिरफ्तार किया था। उस समय वे अपने खिलाफ दर्ज एक राजद्रोह के मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेने के लिए इस्लामाबाद जा रहे थे।
कई धाराएं लगाकर किया गया गिरफ्तार : पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक, इमरान रियाज खान को अटॉक पुलिस की एलीट फोर्स ने हिरासत में लिया और उन्हें अटॉक सिटी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस ने कहा कि पत्रकार के खिलाफ शहर के पुलिस थाने में 25 जून को धारा 505-1 (सी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा वर्ग या समुदायों के खिलाफ कोई अपराध करना, विभिन्न धार्मिकों के बीच शत्रुता, घृणा या द्वेष की भावनाओं को पैदा करने या बढ़ावा देने के इरादे से अफवाह फैलाने, मानहानि करने समेत पाकिस्तान दंड संहिता और इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण अधिनियम की कई अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं।
पुलिस ने कार को घेरकर किया गिरफ्तार : इमरान खान की पार्टी पीटीआई के फारुख हबीब ने गिरफ्तारी के समय पत्रकार का एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्हें पुलिस अधिकारियों से घिरी अपनी कार में बैठे देखा जा सकता है। इस वीडियो में आत्मसमर्पण करने के लिए कार से बाहर निकलते हुए इमरान रियाज खान कहते हैं, “आपने मेरी [बुलेटप्रूफ] कार और हथियार ले लिए हैं, मेरे खिलाफ 20 प्राथमिकी दर्ज की हैं, अब आप मुझे भी गिरफ्तार करना चाहते हैं, आगे बढ़ो और मुझे गिरफ्तार करो।” इस घटना की सूचना के तुरंत बाद, इमरान रियाज खान की कानूनी टीम ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस्लामाबाद और पंजाब के पुलिस प्रमुखों को प्रतिवादी बनाया।
सेना-सरकार की आलोचना करने पर हुई गिरफ्तारी : दरअसल, इमरान रियाज खान ने अपने यूट्यूब चैनल पर हाल ही में एक वीडियो में शहबाज शरीफ सरकार की आलोचना करते हुए सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा से तीखे सवाल पूछे थे। जिसके बाद उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान की वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक स्थिति के बारे में सेना से सवाल पूछने के बाद उन्हें धमकी दी गई थी। पिछले कुछ महीनों में, इमरान रियाज खान, अरशद शरीफ और साबिर शाकिर सहित इमरान खान का समर्थन कई पत्रकारों के खिलाफ सेना और राज्य संस्थानों के खिलाफ कथित तौर पर नफरत फैलाने के लिए कई मामले दर्ज किए गए हैं।
कौन हैं इमरान रियाज खान : इमरान रियाज खान एक पाकिस्तानी पत्रकार और यूट्यूबर हैं। उन्हें शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की मौजूदा सरकार के आलोचक के रूप में जाना जाता है। इमरान रियाज खान का जन्म पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ था। उन्होंने पाकिस्तान के एक निजी समाचार चैनल पर एक एंकर और पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने 2020 में “इमरान खान” नाम से अपना YouTube चैनल शुरू किया, जिसके अप्रैल 2022 तक 2.7 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर थे।
इमरान खान ने पत्रकार के समर्थन में खोला मोर्चा : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पत्रकार इमरान रियाज खान के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जनता से इमरान रियाज की गिरफ्तारी और और पत्रकारों को निशाना बनाने के खिलाफ विरोध करने का आग्रह किया। इमरान खान ने कहा कि जो लोग लोकतंत्र और हमारे संविधान में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का समर्थन करते हैं, उन्हें बाहर आना चाहिए और इमरान रियाज खान की गिरफ्तारी और अयाज आमिर और कई अन्य लोगों सहित पत्रकारों को निशाना बनाने और हिंसा को रोकने के लिए विरोध करना चाहिए।
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