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सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर गिरफ्तार इस अभिनेत्री को किया गया रिहा


ईरान ने ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित फिल्म की प्रख्यात अभिनेत्री तारनेह अलीदूस्ती (38) को करीब तीन सप्ताह के बाद रिहा कर दिया। उन्हें सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दमन की आलोचना करने की वजह से जेल भेजा गया था। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।
ईरान की अर्ध आधिकारिक समाचार एजेंसी आईएसएन ने बुधवार को खबर दी कि ऑस्कर सम्मानित फिल्म ‘द सेल्समैन’ में अभिनय करने वाली अलीदूस्ती को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। यह फिल्म वर्ष 2016 प्रदर्शित हुई थी। उनकी मां नादिरी हकीमेलाही ने कहा कि एक इंस्टाग्राम पोस्ट के मामले में उनकी बेटी को रिहा किया जाएगा। तेहरान की बदनाम एविन कारागार से बुधवार को रिहा होने के बाद अलीदूस्ती फूल लिए हुए अपने दोस्तों से घिरी हुई दिखीं। उनकी रिहाई की कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
अलीदूस्ती कई ईरानी हस्तियों के साथ उस अभियान में शामिल हुईं थीं जिसमें राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों का समर्थन किया गया था और अधिकारियों द्वारा विरोध प्रदर्शनों को हिंसक तरीके से कुचलने की निंदा की गई थी। उन्होंने इंस्टाग्राम को निष्क्रिय किए जाने से पहले कम से कम तीन पोस्ट प्रदर्शनकारियों के समर्थन में किए थे। एक संदेश में अलीदूस्ती ने मोहसेन शेखकरी का समर्थन किया था जिन्हें प्रदर्शनों की वजह से नौ दिसंबर को मौत की सजा दी गई थी।
उल्लेखनीय है कि पुलिस हिरासत में एक महिला की मौत के बाद धार्मिक नियमों पर आधारित शासन को उखाड़ फेंकने के आह्वान के साथ प्रदर्शन हुआ था। वर्ष 1979 में इस्लामिक क्रांति के बाद स्थापित सरकार के समक्ष इसे अबतक का सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अधिकार समूहों के मुताबिक सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हथियारों, चिड़िया मारने वाली गोलियों, आंसू गैस के गोले और लाठियों का इस्तेमाल किया।
शेकरी को ईरान की अदालत द्वारा तेहरान की सड़कों को बाधित करने और चाकू से सुरक्षा कर्मियों पर हमला का दोषी ठहराया गया जिसके बाद उसे मौत की सजा दी गई। शेकरी को मौत की सजा दिए जाने के एक सप्ताह बाद दूसरे कैदी मजीदरेजा रहनावर्दी को सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई। उसपर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे अर्धसैनिक बसिज मिलिशिया के दो सदस्यों पर हमला करने का आरोप था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कम से कम एक दर्जन लोगों को प्रदर्शनों के सिलसिले में मौत की सजा सुनाई गई है।