
अरब सागर की लहरों में शनिवार को अलग गर्जना महसूस की जा सकती थी। दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ भारतीय नौसेना की दहाड़ चीन के कानों तक जरूर पहुंची होगी। INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत की अगुवाई में नेवी की एक पूरी टुकड़ी युद्धाभ्यास में जुटी थी। किसी क्षेत्र में सेना जब फ्लैग मार्च करती है तो वह उपद्रवियों को यह अहसास दिलाने के लिए होता है कि ‘बॉस’ हम हैं। अरब सागर से शनिवार को भारत ने चीन को यही संदेश दिया। तस्वीरें देखिए, दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर सबसे आगे हैं। पीछे युद्धपोतों, पनडुब्बियों और 35 से ज्यादा एयरक्राफ्ट्स की पूरी फौज है। पहली बार INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत एक साथ आए हैं। इनकी धमक से ड्रैगन का सीना कांप गया होगा। ये कैरियर एक तरह से समुद्र में तैरते एयरफील्ड हैं। जरूरत पड़े तो इन्हीं कहीं भी पोजिशन कर हवाई ऑपरेशंस को भी अंजाम दिया जा सकता है।
समंदर में जब चलते हैं कैरियर बैटल ग्रुप्स तो… – युद्धाभ्यास में दो कैरियर बैटल गुप्स (CBGs) चल रहे थे। एक की कमान रूसी मूल के INS विक्रमादित्य के पास थी तो दूसरे को INS विक्रांत लीड कर रहा था। दोनों कैरियर करीब 44,000 टन वजनी हैं। ये समुद्र में ‘तैरते संप्रभु क्षेत्र’ हैं। पहली बार अरब सागर में दोनों साथ चले तो नेवी की ठसक अलग ही महसूस हुई।
क्या होते हैं CBG? – कैरियर बैटल ग्रुप एक तरह का तैरता एयरबेस है। ये दिनभर में 400 से 500 नॉटिकल मील की दूरी तय कर सकते हैं। इनपर मौजूद फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर्स आसपास के 200 नॉटिकल मील एरिया का चप्पा-चप्पा छान सकते हैं।
चीन और पाकिस्तान, समंदर में दोहरी चुनौती- चीन ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है। उसके पास दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है। 355 युद्धपोतों और पनडुब्बियों से लैस चीनी नौसेना अब IOR में सात-आठ जहाज जासूसी के लिए भेजती है। वह पाकिस्तान की भी मदद कर रहा है ताकि अरब सागर में भारत को चुनौती दी जा सके।
भारत vs चीन: बढ़ाने होंगे एयरक्राफ्ट कैरियर – चीन भी इस क्षेत्र में CBGs की तैनाती शुरू करेगा। उसके पास दो कैरियर्स हैं और तीसरा बनकर तैयार है। चीन का लक्ष्य 10 CBGs तैयार करने का है। भारत के पास IOR में एडवांटेज है क्योंकि चीन की लॉजिस्टिकल दिक्कतें हैं। हालांकि, भारतीय नौसेना को भी तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर बनाने की इजाजत नहीं मिली है। उसे बनाने में एक दशक से ज्यादा लगेगा।
Home / News / दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर, पनडुब्बियां, लड़ाकू विमान… अरब सागर से नेवी का चीन को संदेश- हिमाकत की तो खैर नहीं
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website