
अमेरिका में कोरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज को अस्पताल ने 11 लाख डॉलर (करीब 8.14 करोड़ रुपये) का बिल थमाया है। मरीज की कोविड-19 के कारण हालत काफी खराब हो गयी थी। मीडिया में आई खबर के मुताबिक माइकल फ्लोर बीमारी की वजह से इतने कमजोर हो गए थे कि उनकी पत्नी और बच्चे भी उनके ठीक होने की उम्मीद छोड़ चुके थे।
62 दिन अस्पताल में रहे भर्ती
सिएटल टाइम्स की खबर के मुताबिक फ्लोर हालांकि ईशाक स्थित स्वीडिश मेडिकल सेंटर में इलाज के बाद ठीक हो गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके इलाज के एवज में 11 लाख डॉलर का बिल दिया गया है। उल्लेखनीय है कि फ्लोर ने स्वीडिश मेडिकल सेंटर में 62 दिनों तक कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ी और अस्पताल में सबसे लंबे समय तक इलाज कराने वाले मरीज हैं।
अमेरिकी संसद ने कहा- शायद उन्हें भुगतान न करना पड़े
अखबार के मुताबिक फ्लोर के पास स्वास्थ्य बीमा है जिसमें छह हजार डॉलर की कटौती के बाद सामान्य तौर पर सभी खर्चे बीमित होने का प्रावधान है। कांग्रेस (संसद) ने कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए विशेष कानून लागू किया है और संभव है कि फ्लोर को कोई भुगतान नहीं करना पड़ा।
मरीज बोला- जिंदा बचे रहने से हो रही ग्लानि
फ्लोर ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को मात देने से वह स्वयं चकित हैं। उन्होंने कहा कि जिंदा बच जाने से मैं ग्लानि महसूस कर रहा हूं। मुझमें यह भाव है, क्यों मैं… इलाज पर इतने खर्च के बाद बचने वाले व्यक्ति की ग्लानि को बढ़ाता है।
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