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डिलीवरी के समय ब्‍लीडिंग रोकने में मदद करता है विटामिन K, जानिए प्रेगनेंसी में विटामिन K लेने के और भी कई फायदों के बारे में


गर्भवती महिला को नौ महीनों के दौरान प्रीनेटल विटामिन दिए जाते हैं क्‍योंकि ये मां और बच्‍चे दोनों की सेहत के लिए बहुत जरूरी होते हैं। कई तरह के विटामिन होते हैं जिनमें से एक विटामिन K भी है।
प्रेगनेंसी में कई तरह के विटामिन जरूरी होते हैं जो गर्भस्‍थ शिशु के सही विकास और मां को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करते हैं। गर्भवती महिला के लिए विटामिन K को भी आवश्‍यक माना जाता है और इसलिए इस लेख के जरिए हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि गर्भवती महिलाओं को किस तरह विटामिन K मिल सकता है और प्रेगनेंसी में विटामिन K लेने के क्‍या फायदे होते हैं।
क्‍यों जरूरी है विटामिन K : स्‍वस्‍थ काया और शिशु के विकास के लिए रोजाना पोषक तत्‍वों से युक्‍त आहार लेने की जरूरत होती है। शरीर को रोजाना लगभग 90 माइक्रोग्राम विटामिन के लेने की जरूरत होती है। इसे अधिक मात्रा में लेने से खून पतला हो सकता है जो कि खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में विटामिन के लेना बिलकुल नहीं भूलना चाहिए क्‍योंकि डिलीवरी के दौरान और इसके बाद में विटामिन K शरीर को जल्‍दी रिकवर करने में मदद करता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप प्रेगनेंसी में आवश्यक मात्रा में विटामिन K लें।
तनी मात्रा में लें विटामिन K : आंतों में मौजूद हेल्‍दी बैक्‍टीरिया की मदद से आपका शरीर अपने आप ही विटामिन K बना सकता है। प्रेगनेंट महिला के वजन के आधार पर ही यह बताया जा सकता है कि उन्‍हें कितनी मात्रा में विटामिन K लेना चाहिए। आपके वजन के प्रति किलो के हिसाब से आपको 1 माइक्रोग्राम विटामिन K रोज लेने की जरूरत होती है।
अगर आप प्रेगनेंसी के दिनों में पर्याप्‍त विटामिन के नहीं लेती हैं तो इसकी वजह से डिलीवरी के समय ब्‍लीडिंग रुकने में दिक्‍कत हो सकती है।
प्रेगनेंसी में विटामिन K लेने के फायदे : गर्भवती महिला अपने आहार के जरिए शरीर में विटामिन के की पूर्ति कर सकती हैं। यह पोषक तत्‍च खून के थक्‍के बनाने में मदद करता है जिससे चोट लगने पर अधिक खून बहने से रोकने में मदद मिलती है। खून के थक्‍के जल्‍दी बनाकर विटामिन के डिलीवरी के समय अधिक खून बहने से रोकता है।
विटामिन के पाचन में सुधार लाता है और दिल को मजबूत रखता है जिससे इम्‍यून सि‍स्‍टम को ठीक तरह से काम करने में मदद मिलती है। प्रेगनेंसी में दांतों से जुड़ी समस्‍याएं भी आम होती हैं। ऐसे में विटामिन के बोन मिनिरलाइजेशन में मदद करता है और एसिड को दांतों को नुकसान पहुंचाने से रोकता है। इसके अलावा विटामिन के हड्डियों को मजबूत करने का भी काम करता है।
विटामिन के स्रोत क्या है : इस विटामिन की पूर्ति आप अपने आहार में कुछ विशेष खाद्य पदार्थों को शामिल करके कर सकती हैं। हरी सब्जियों जैसे कि पालक, केल और चुकंदर, ब्रोकली, सेलेरी, खीरे, पत्‍तागोभी, मटर और बींस में विटामिन के भरपूर मात्रा में होता है।
अंडे, मछली, डेयरी प्रोडक्‍ट्स, ऑलिव ऑयल, कैनोला ऑयल और सोयाबीन ऑयल में भी विटामिन के उच्‍च मात्रा में होता है।
विटामिन के सप्लीमेंट ले सकते हैं : गर्भावस्‍था के दौरान शरीर में किसी भी पोषक तत्‍व की कमी नहीं होनी चाहिए। अगर किसी न्‍यूट्रिएंट की कमी हो भी जाए तो उसे सप्‍लीमेंट की मदद से पूरा किया जा सकता है। प्‍लेसेंटा से जुड़े होने के कारण विटामिन K बहुत जरूरी होता है।
कुछ बीमारियों या स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के कारण शरीर की विटामिन K को सोखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में मां और बच्‍चे की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बचने के लिए विटामिन के सप्लीमेंट काम आते हैं।

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