
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल सोमवार को ओमान में थे। यहां पर उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक समेत शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सुरक्षा के अलावा टेक्नोलॉजी और मिलिट्री और दूसरे संबंधों पर भी चर्चा हुई है। सूत्रों की मानें तो डोभाल, मिस्र से ही ओमान के लिए रवाना हो गए थे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी राजकीय यात्रा पर अमेरिका और फिर मिस्र गए थे। डोभाल ने ओमान के सुल्तान और पीएम हैथम बिन तारिक अल सईद को प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से एक खास मैसेज दिया। इस लिखित संदेश में ‘सहयोग के विभिन्न पहलुओं’ का जिक्र किया गया था। विदेश मंत्रालय की तरफ से इस डोभाल की ओमान यात्रा पर बयान दिया गया है।
ओमान, पश्चिम एशिया में भारत का सबसे पुराना रणनीतिक साझेदार है। सऊदी अरब और ईरान के बीच हुई दोस्ती में उसने सक्रिय भूमिका निभाई है। दूसरी ओर वह चुपचाप अमेरिका और ईरान को एक समझौते पर पहुंचने में मदद कर रहा है। ओमान को सितंबर में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के अलावा बाकी जी20 मीटिंग्स के लिए भी इनवाइट किया गया है। डोभाल ने ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र हमद अल बुसैदी से भी मुलाकात की। दोनों के बीच भारत-ओमान के रणनीतिक संबंधों और आशाजनक क्षेत्रों में सहयोग के पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों अधिकारियों ने कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की है।
सुरक्षा पर हुई चर्चा – सुल्तान के महल में हुई मीटिंग में डोभाल ने उनके साथ ‘वर्तमान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच चर्चा आतंकवाद विरोधी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग करने के मसले पर भी बात हुई है। भारत, पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों के साथ सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों में तेजी ला रहा है। यह बात भी महत्वपूर्ण है कि भारत और ओमान हिंद महासागर में सुरक्षा और स्थिरता पर मिलकर काम कर रहे हैं। डोभाल ने शाही ऑफिस के मंत्री जनरल सुल्तान मोहम्मद अल नुअमानी के साथ भी एक अलग मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के साझा हितों को हासिल करने में सहयोग बढ़ाने के लिए उनकी सराहना व्यक्त की।
अरब सागर में भारत का पड़ोसी – ओमान हिंद महासागर का एक अहम क्षेत्र है और अरब सागर में भी भारत का पड़ोसी है। ओमान ने हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत का बहुत सहयोग किया है। इसके अलावा, भारत और ओमान के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत, ओमान में सबसे बड़े निवेशकों में से एक बनकर उभरा है, जिसका कुल निवेश 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है। द्विपक्षीय व्यापार में भी इजाफा हुआ है। साल 2022-2023 में दोनों देशों के बीच व्यापार 12 अरब डॉलर को पार कर जाएगा।
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