
स्पाइनल मस्क्युलर ऐट्रफी (Spinal Muscular Atrophy) नाम की बीमारी से पीड़ित आधे से ज्यादा बच्चे दो साल से ज्यादा जीवित नहीं रह पाते लेकिन कुछ साल पहले इस पर जीत हासिल करने की एक उम्मीद जगी और आज इसका इलाज दुनिया की सबसे महंगी दवाई से मुमकिन हो गया है। जीन थेरेपी Zolgensma दी गई। अमेरिका में बनी इस दवा को दुनिया की सबसे महंगी दवा माना जाता है। इसकी एक खुराक की कीमत £17 लाख यानी करीब 16.9 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होती है। स्टडीज में पाया गया है कि यह पैरैलेसिस से बचा सकती है। यह IV ड्रिप से दी जाती है और ऐसा प्रोटीन बनाती है जो SMA पीड़ितों में नहीं बनता है।
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