
चीन ने पाकिस्तान के बलूच विद्रोह को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगला है। चीनी सरकारी मीडिया के सवाल पर उसके विदेश मंत्रालय ने बलूच विद्रोह का संबंध भारत के साथ जोड़ने की नाकाम कोशिश की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत का नाम लिए बिना आतंकवाद के दोहरे मानदंडों पर जमकर ज्ञान दिया। इतना ही नहीं, चीन ने आतंकवाद को मानवता का दुश्मन भी करार दिया, जिसका वह खुलकर समर्थन करता है। चीन ने हाफिज मोहम्मद सईद से लेकर साजिद मीर, अब्दुल रहमान मक्की, शाहिद मोहम्मद, तल्हा सईद, मसूद अजहर, अब्दुल रऊफ असगर अल्वी जैसे खूंखार आतंकवादियों का संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंच पर खुलकर बचाव किया है।
चीन की सरकारी मीडिया ने किया सवाल – चीन की सरकारी मीडिया चाइना डेली ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सवाल किया, “कई विदेशी मीडिया ने बताया कि बलूच राष्ट्रीय सेना के एक कमांडर, जिसने खुद को पाकिस्तानी सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, ने खुलासा किया कि “भारत” गुप्त रूप से बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन कर रहा है और बलूचिस्तान अलगाववादी ताकतों को वित्त पोषित कर रहा है। बलूच अधिकारियों ने कहा कि प्रांत में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों के पीछे “भारत” का आतंकवादियों का समर्थन और इस्तेमाल मुख्य कारण है। आपको क्या कहना है?”
चीनी विदेश मंत्रालय ने उगला जहर – इस सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, “हमने प्रासंगिक रिपोर्टें देखीं। आतंकवाद मानवता का साझा दुश्मन है। चीन आतंकवाद के विरोध पर दोहरे मानकों का दृढ़ता से विरोध करता है। अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा की कीमत पर आतंकवादी समूहों का समर्थन करना और उनका उपयोग करना और उन्हें अपने स्वार्थों के लिए पनपने देना किसी को लाभ नहीं पहुंचाता है और इसका उल्टा असर ही होगा। चीन सभी प्रकार के आतंकवाद से संयुक्त रूप से लड़ने के लिए सभी देशों के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने का पक्षधर है।”
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