
मुंबई: अपनी कप्तानी में भारत को पहली बार विश्व कप विजेता बनाने वाले पूर्व दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव को यहां क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक समारोह में लीजेंड्स क्लब ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया गया। इस अवसर पर पूर्व भारतीय कप्तान अजित वाडेकर, सुनील गावस्कर और नरी कांट्रैक्टर भी मौजूद थे।
1993 के विश्व कप में टीम इंडिया की कप्तानी करने वाले कपिल ने शानदार प्रदर्शन कर भारत को क्रिकेट का सिरमौर बनाया था। उन्हें देश का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर माना जाता है। पूर्व भारतीय खिलाड़ी और लीजेंड्स क्लब के अध्यक्ष माधव आप्टे ने कपिल को प्रशस्ति पत्र देखकर सम्मानित किया। टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले 10000 रन बनाने वाले दिग्गज ओपनर गावस्कर को वाडेकर ने प्रशस्ति पत्र दिया।
गावस्कर को 11 जुलाई 2013 में ही क्लब के हाल ऑफ फेम में शामिल किया जा चुका है। सम्मान ग्रहण के पश्चात कपिल ने कहा कि इस देश में ऐसा कोई नहीं है जो सुनील गावस्कर नहीं बनना चाहता है। काफी लोग आएंगे लेकिन यह नाम (सुनील) हमेशा शीर्ष पर रहेगा। हमारे अंदर खेल के लिए जुनून था और हम पुरस्कारों या किसी और चीज पर ध्यान नहीं देते थे। उस समय हमारे अंदर काफी जुनून था। जब हमारी सफलता से लोगों को खुशी मिलती है तब हमें गर्व होता था। गावस्कर ने कपिल की प्रशंसा करते हुये कहा कि वह मैच विजेता खिलाड़ी थे और उनके जैसा आलराउंडर बनना निश्चित रूप से युवा क्रिकेटरों के लिये आज भी एक बड़ी चुनौती है।
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