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राक्षसी मां ! मामूली वजह कारण 13 साल की बेटी को अंधेरे कमरे में रखा, भूख से तड़पा-तड़पा कर ली जान


अपराध का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने अपनी 13 वर्षीय बेटी को भूख से तड़पा-तड़पा कर मार डाला। फ्रांस में इस घटना में महिला ने बच्ची के साथ क्रूरता की हदें सिर्फ इसलिए पार क्योंकि वह अपने पिता जैसी दिखती थी। इस अमानवीय अपराध के लिए 54 वर्षीय सैंड्रिन पिस्सारा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अगस्त 2020 में हुई इस घटना में 13 वर्षीय अमांडाइन की मौत के समय वजन मात्र 28 किलोग्राम था। मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि बच्ची कुपोषण और गंभीर संक्रमण (सेप्टीसीमिया) से पीड़ित थी। उसके शरीर पर कई जख्म थे, चेहरा सूजा हुआ था, कई दांत टूट चुके थे, और उसके बाल जबरदस्ती खींचे गए थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमांडाइन को हफ्तों तक एक अंधेरे और बिना खिड़की वाले स्टोरेज रूम में बंद रखा गया। उसे खाने से वंचित किया गया और छोटी-छोटी गलतियों पर बेरहमी से पीटा जाता था। मां उस पर मुक्के, लात और झाड़ू से हमला करती, बाल खींचती और अपमानजनक सजा देती थी। इतना ही नहीं, उसे “लेखन दंड” के नाम पर जबरदस्ती लिखने पर मजबूर किया जाता था। फ्रांसीसी जांचकर्ताओं के अनुसार, बच्ची पर लगातार मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गईं। मां ने उसे कैमरे की निगरानी में रखा ताकि वह हर समय उस पर नजर रख सके।
पिस्सारा ने अदालत में माना कि उसने अपनी बेटी के साथ इसलिए दुर्व्यवहार किया क्योंकि वह अपने पिता जैसी दिखती थी और उसे अपने पूर्व पति से घृणा थी। मां सैंड्रिन पिस्सारा को 20 साल की न्यूनतम सजा के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, उसके पूर्व साथी जीन-मिशेल क्रॉस को भी अमांडाइन के साथ हुई यातनाओं के लिए 20 साल की जेल की सजा मिली है। अंतिम सुनवाई के दौरान पिस्सारा ने खुद को “राक्षसी मां” बताया और रोते हुए कहा, “मैं अपने बच्चों से माफी मांगना चाहती हूं, बस इतना ही।” यह मामला माता-पिता की क्रूरता का एक भयावह उदाहरण है, जिसने पूरे फ्रांस को झकझोर कर रख दिया है।