
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में 1997 के बाद से खसरे के मामलों में सबसे बड़ी वृद्धि हुई है। साल 2024 में 127,350 मामले दर्ज किए गए जो 2023 की तुलना में लगभग दोगुना है। WHO यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. हंस हेनरी पी. क्लुगे ने कहा, “खसरा वापस आ गया है, और यह एक गंभीर चेतावनी है। अगर टीकाकरण दरें उच्च नहीं रहीं, तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा।” पिछले साल 38 लोगों की खसरे से मौत हो चुकी है।
क्यों खतरनाक है खसरा ? – यह बीमारी कोविड की तरह हवा में फैलती है।
हल्के मामलों में बुखार और शरीर पर दाने हो सकते हैं।
जबकि गंभीर मामलों में इन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन), निमोनिया और अंधापन हो सकता है।
विकसित देशों में 1,000 में से 1 या 5,000 में से 1 व्यक्ति की मौत हो सकती है।
खसरे से संक्रमित एक व्यक्ति औसतन 12-18 लोगों को संक्रमित कर सकता है
जबकि कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट में यह संख्या लगभग 8 थी।
WHO ने 2022 में इसे “हर क्षेत्र के लिए आसन्न खतरा” घोषित किया था।
यह कारण बना प्रकोप – WHO यूरोप के मुताबिक, खसरा लगभग पूरी तरह से टीकाकरण से रोका जा सकता है । दो खुराकें 99% से अधिक सुरक्षा प्रदान करती हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या में लोग टीका नहीं लगवा रहे हैं। संक्रमण को नियंत्रित रखने के लिए 95% आबादी को टीका लगवाना जरूरी है। बोस्निया, मोंटेनेग्रो, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया में 2023 में 80% से कम बच्चों को टीका लगाया गया था। इनमें कुछ देशों में यह दर 50% से भी कम है। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित देश रोमानिया (30,692 मामले) है।
गलत सूचना भी जिम्मेदार – टीकाकरण दर घटने का एक कारण गलत जानकारी भी है। ब्रिटेन में 2002 में पूर्व चिकित्सक एंड्रयू वेकफील्ड ने झूठा दावा किया कि एमएमआर (खसरा, गलसुआ, रूबेला) वैक्सीन ऑटिज्म का कारण बनती है। यह दावा ‘द लैंसेट’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ, लेकिन बाद में गलत साबित होकर वापस ले लिया गया ।
WHO की रिपोर्ट स्पष्ट संकेत देती है कि कम टीकाकरण दरों का खतरनाक असर हो रहा है। यदि इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, तो खसरा एक बड़ी महामारी का रूप ले सकता है।
Home / Uncategorized / एक भूल पड़ी भारी ! 1997 के बाद खसरे का सबसे बड़ा विस्फोट; WHO बोला-“सतर्क हो जाइए, यह कोविड से भी खतकनाक”
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