
अमेरिका समझ चुका है कि ईरान सिर्फ कूटनीतिक बयानों से काबू में नहीं आएगा। इसलिए डिप्लोमैटिक टेबल पर बात करते हुए फील्ड में मिलिट्री प्रेजेंस बनाना जरूरी है। वहीं अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि अगर ईरान के समर्थित ग्रुप्स या ईरान खुद, अमेरिका या उसके सहयोगियों पर हमला करता है तो अमेरिका ‘सीधा’ और ‘निर्णायक’ जवाब देगा।
मध्य पूर्व की उथल-पुथल भरी धरती एक बार फिर हथियारों की गर्जना से गूंज रही है। अमेरिका ने अब ईरान के खिलाफ जो सैन्य तैनाती शुरू की है, वह सिर्फ एक सामान्य डिफेंस स्ट्रैटजी नहीं, बल्कि ये एक चेतावनी है। अमेरिका ने जिस तरह से ईरान को घेरा है, उससे साफ पता चलता है कि ईरान अब अमेरिका को हल्के में नहीं ले सकता है। B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स से लेकर फुल कैपेबिलिटी एयरक्राफ्ट कैरियर्स और साइप्रस से लेकर इजरायल तक… जिस तरह का मिलिट्री कॉर्डिनेशन अमेरिका ने तैयार किया है, वो साफ साफ शब्दों में बताता है कि अमेरिका अब सिर्फ धमकी देने के मूड में नहीं है। अमेरिका ने ईरान से बातचीत से पहले जिस तरह से इस क्षेत्र में विशालकाय विनाशक फोर्स भेजा है, उससे आशंका बनती है कि अगर ये बातचीत फेल हो जाती है तो फिर क्या होगा?
अमेरिका ने हिंद महासागर के डिएगो गार्सिया द्वीप में बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स के 6 यूनिट तैनात कर दिए हैं। इसके अलावा इजरायल की रक्षा के लिए अमेरिकी THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात कर दिया गया है और इतना सब करने के बाद अब अमेरिका ने अपने दूसरे एयरक्राफ्ट कैरियर को भी मिडिल ईस्ट की तरफ रवाना कर दिया है। ynetnews की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Carl Vinson मिडिल ईस्ट के करीब पहुंच चुका है। इसमें 90 फाइटर जेट्स और 6000 से ज्यादा चालक दल के सदस्य हैं। इसके अलावा एक और एयरक्राफ्ट कैरियर USS Harry S. Truman मिडिल ईस्ट में पहले ही तैनात है।
ओमान में आज ईरान और अमेरिका की बैठक – परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच आज ओमान में बैठक होने वाली है। वहीं ईरानी के सरकारी टीवी चैनल ने शुक्रवार सुबह घोषणा की थी कि ईरानी उप विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच ओमान में शनिवार की बैठक की कोई भी तस्वीर जारी नहीं की जाएगी। जिससे ये संकेत मिलते हैं कि ये बैठक आमने-सामने की बातचीत वास्तव में हो सकती है। जिससे पहले ईरान ने इनकार कर दिया था। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने कहा कि “हम कूटनीति को एक वास्तव में एक मौका दे रहे हैं।”
Home / Uncategorized / एयरक्राफ्ट कैरियर, 90 फाइटर जेट्स, बॉम्बर्स, 6000 जवान… परमाणु वार्ता फेल होते ही ईरान पर हमला? अमेरिका ने चारों तरफ से घेरा
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