
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर दुनियाभर के मजदूरों ने बड़े पैमाने पर मार्च और प्रदर्शन कर अपने अधिकारों की मांग उठाई। टोक्यो से लेकर लॉस एंजेलिस, न्यूयॉर्क, मनीला, जकार्ता और इस्तांबुल तक मजदूरों ने रैलियों और नारों के ज़रिए अपनी आवाज़ बुलंद की। इस वर्ष अधिकांश प्रदर्शन अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के विरोध में केंद्रित रहे। जापान के टोक्यो में ट्रंप की शक्ल वाली गुड़िया लेकर प्रदर्शनकारियों ने उच्च वेतन, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, कम सैन्य खर्च और भूकंप पीड़ितों के लिए राहत की मांग की।
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने ट्रंप कार्यकाल के टैरिफ्स का ज़िक्र करते हुए नौकरियों की स्थिरता और आजीविका के समर्थन की बात की। फिलीपींस में श्रमिक नेता मोंग पलाटिनो ने चेताया कि “टैरिफ युद्ध और ट्रंप की नीतियां” स्थानीय उद्योगों के लिए घातक हो सकती हैं।इंडोनेशिया में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने जकार्ता में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए वादा किया कि उनकी सरकार देश से गरीबी मिटाने के लिए पूरी ताक़त से काम करेगी। इंडोनेशियाई ट्रेड यूनियन परिसंघ के अनुसार, देशभर में लगभग दो लाख श्रमिकों ने रैली में भाग लिया।
तुर्किये में इस्तांबुल के तकसीम स्क्वायर पर विरोध प्रदर्शन हुए, जहां विपक्षी मेयर एक्रेम इमामोग्लू को जेल भेजने के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने मोर्चा खोला। तकसीम स्क्वायर को इस अवसर पर पारंपरिक रैली स्थल माना जाता है, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए सख्त कदम उठाए और 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया।अमेरिका के लॉस एंजेलिस में दुनिया के सबसे बड़े मई दिवस समारोहों में से एक का आयोजन हुआ, जिसमें सर्विस एम्प्लॉइज इंटरनेशनल यूनियन की अध्यक्ष अपैल वेरेट ने कहा, “अप्रवासी श्रमिकों पर हमला, सभी श्रमिकों पर हमला है। हम अरबपतियों और झूठ फैलाने वाले राजनेताओं से डरने वाले नहीं हैं।”
Home / Uncategorized / मई दिवस पर टोक्यो से लॉस एंजिलिस तक प्रदर्शन व रैलियां, “मजदूरों एक हो जाओ” की उठी आवाज
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