
अमेरिका ने फिर एक दोस्त को धोखा दिया है। इस बार अमेरिका ने अपने दोस्त को दुश्मनों के बीच अकेला छोड़कर खुद का बोरिया-बिस्तर समेट लिया है। यह कुछ ऐसा ही है, जैसा अमेरिका ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में किया था। ऐसे में अमेरिका पर दुनिया का भरोसा एक बार फिर कम हुआ है।
अमेरिका को लेकर कहा जाता है कि यह मौके का साथी है। यह देश दुनिया में अपनी धोखेबाज चरित्र को लेकर बदनाम है। ऐसा शायद ही कोई दोस्त होगा, जिसे अमेरिका ने धोखा न दिया हो। अब इस लिस्ट में सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स भी शामिल हो गई है। यह वही मिलिशिया है, जिसे अमेरिका ने सीरिया के तत्कालीन बशर अल असद की सत्ता के खिलाफ खड़ा किया था। बाद में इस मिलिशिया का इस्तेमाल सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ युद्ध में किया गया। लेकिन, अब न तो सीरिया में असद की सत्ता बची है और ना ही इस्लामिक स्टेट। ऐसे में अमेरिका ने सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स को इसके भाग्य से भरोसे छोड़ दिया है।
अमेरिका ने सीरिया में दो और मिलिट्री बेस खाली किए – रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने उत्तरपूर्वी सीरिया में दो और सैन्य ठिकानों से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है। इन अड्डों पर अब नाम मात्र के ही अमेरिकी सैनिक बचे हैं। इस बीच सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज के कमांडर ने कहा कि अमेरिका के इस कदम से सीरिया में इस्लामिक स्टेट के फिर से उभरने की संभावना बढ़ गई है। इन दोनों सैन्य अड्डे ज्यादातर खाली पड़े हैं और दोनों पर सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस की छोटी टुकड़ियां तैनात हैं। अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के इस सैन्य ठिकानों पर इस्तेमाल किए गए कैमरे हटा दिए गए हैं और बाहरी दीवार पर रेजर वायर अब भी मौजूद हैं।
सीरिया में चार अमेरिकी मिलिट्री बेस खाली – एक ठिकाने पर रहने वाले एक कुर्द राजनेता ने कहा कि अब वहां अमेरिकी सैनिक नहीं हैं। दूसरे बेस पर मौजूद एसडीएफ गार्ड ने कहा कि सैनिक हाल ही में वापस गए हैं, लेकिन उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि कब वापस गए। पेंटागन ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह पहली पुष्टि है कि अमेरिका ने हसाका प्रांत में अल-वज़ीर और तेल बेदार बेस से सैनिकों को वापस बुला लिया है। इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के बाद से सीरिया में अमेरिकी सैनिकों द्वारा छोड़े गए बेस की संख्या कम से कम चार हो गई है।
सीरिया में अमेरिका के पास आठ मिलिट्री बेस – ट्रंप प्रशासन ने इस महीने कहा कि वह सीरिया में अपनी सैन्य उपस्थिति को आठ से घटाकर एक बेस कर देगा, जो कि एसडीएफ के नियंत्रण वाले उत्तरपूर्वी सीरिया के कुछ हिस्सों में है। अप्रैल में न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि सैनिकों की संख्या में कमी करके उन्हें 2,000 से घटाकर 500 किया जा सकता है। एसडीएफ ने उत्तरपूर्वी सीरिया में सैनिकों की मौजूदा संख्या और खुले अमेरिकी बेस के बारे में सवालों का जवाब नहीं दिया।
अमेरिका के दोस्त को क्या डर सता रहा – एसडीएफ कमांडर मजलूम अब्दी ने कहा कि एक बेस पर कुछ सौ सैनिकों की मौजूदगी इस्लामिक स्टेट के खतरे को रोकने के लिए “पर्याप्त नहीं” होगी। उन्होंने कहा, “इस्लामिक स्टेट का खतरा हाल ही में काफी बढ़ गया है। लेकिन यह अमेरिकी सेना की योजना है। हम इसके बारे में लंबे समय से जानते हैं … और हम यह सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ काम कर रहे हैं कि कोई कमी न रहे और हम इस्लामिक स्टेट पर दबाव बनाए रख सकें।”
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