
मोहम्मद यूनुस पर शेख हसीना की अवामी लीग ने कई आरोप लगाए हैं। पार्टी की ओर से लगातार कहा गया है कि वह जिहादी तत्वों के साथ मिलकर सत्ता को कब्जाए रखना चाहते हैं।
बांग्लादेश में एक साल से लगातार राजनीतिक उथल पुथल देखने को मिल रही है। बीते साल मई-जून में ढाका में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हुए और आखिरकार 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार गिर गई। शेख हसीना के ढाका छोड़ने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया। अंतरिम सरकार को निष्पक्ष चुनाव कराकर विजेता दल को सत्ता सौंपने का काम सौंपा गया। हालांकि यूनुस सरकार पर लगातार कई आरोप लगते रहे हैं और उसके मंसूबों पर गंभीर सवाल हैं।
शेख हसीना ने यूनुस पर कट्टरपंथियों के हाथों में खेलने का आरोप लगाया है तो उनका समर्थन करने वाली सेना और बीएनपी जैसे दलों ने भी चुनाव में देरी पर सवाल उठाए। इन आरापों को ताकत देने वाला एक नया दावा सामने आया है, जो कहता है कि यूनुस का प्लान बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज होने का है। इस दावे को यूनुस के हालिया कदम ने इसे हवा दी है, जिसे सेना को कमजोर करने की कोशिश की तरह देखा गया है।
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