
संविधान के 130वें संशोधन पर मचे घमासान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन दावों का खंडन किया है। जिसमें यह कहा गया था कि जस्टिस आफताब आलम उनके दस्तखत लेने के लिए गए थे। शाह के कहा कि वे कभी मेरे घर नहीं बल्कि उनकी वजह बेल एप्लीकेशन दो साल चली।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उस दावे का खंडन किया है। जिसमें यह कहा गया है कि जस्टिस आफताब आलम के उनके आवास पर हस्ताक्षर लेने के लिए पहुंचे थे। अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा है कि आफताब आलम की कृपा से मेरी जमानत याचिका 2 साल तक चली। आमतौर पर यह ज्यादा से ज्यादा जमानत याचिका 11 दिन तक चलती है। एएनआई को दिए इंटरव्यू में जब शाह से पूछा गया कि क्या जस्टिस घर पर दस्तखत लेने आए थे, तो शाह ने कहा कि नहीं, ऐसा नहीं हुआ। आफताब आलम मेरे घर कभी नहीं आए। उन्होंने रविवार को एक विशेष अदालत लगाई और मेरी जमानत याचिका पर सुनवाई की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री होने के नाते अमित शाह सबूतों को प्रभावित करेंगे। इसलिए मेरे वकील ने कहा कि अगर आपको यही डर है, तो जमानत याचिका पर फैसला होने तक हमारे मुवक्किल गुजरात से बाहर रहेंगे।
Home / Uncategorized / आलम साहब की कृपा से मेरी बेल एप्लीकेशन दो साल चली, कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस जिनका अमित शाह ने किया जिक्र
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