
भारत रेयर अर्थ मैग्नेट संकट दूर करने के लिए चौतरफा समाधान निकालने में जुटा है। हालांकि, हाल के दिनों में इस संबंध में चीन के रुख में नरमी आई है। लेकिन, भारत सरकार अब हर विकल्प को टटोल रही है, ताकि चीन से निर्भरता खत्म हो जाए।
रेयर अर्थ मिनरल्स पर एक तरफ चीन के तेवर ढीले पड़ने लगे हैं, दूसरी तरफ भारत ने भविष्य में इसकी सप्लाई चेन बनाए रखने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट है कि भारत ने रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्यूफैक्चरिंग के लिए अपने इंसेंटिव प्रोग्राम को तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ाने की योजना तैयार कर ली है। इसके अलावा भारत ने इस संकट से निपटने के लिए और भी विकल्प ढूंढ लिए हैं।
रेयर अर्थ मैग्नेट संकट का नया समाधान – ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार रेयर अर्थ मैग्नेट की मैन्यूफैक्चरिंग पर भारत ने अपने इंसेंटिव प्रोग्राम को 788 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा करने की योजना तैयार कर ली है। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव को सिर्फ कैबिनेट की मंजूरी मिलने का इंतजार है। अभी इस योजना के तहत मात्र 290 मिलियन डॉलर की रकम रखी गई है। इस बात की जानकारी देने वाले ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि सरकार जो अंतिम रकम तय करेगी, उसमें कुछ बदलाव भी हो सकता है।
चीन की वजह से पूरी दुनिया में किल्लत – भारत ने चीन की ओर से रेयर अर्थ मैग्नेट की सप्लाई चेन में अड़ंगा लगाए जाने के बाद कुछ महीने पहले से ही इसके विकल्प तलाशने शुरू कर दिए थे। इसके तहत देश में भी रेयर अर्थ मिनरल्स की प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना और सप्लाई चेन विकसित करने पर काम चल रहा है। इसके लिए भारत कई और देशों के साथ तालमेल भी कर रहा है। क्योंकि, इस साल अप्रैल में जब से चीन ने चीन ने इसकी सप्लाई पर नियंत्रण लगा दिया, पूरी दुनिया में इसकी किल्लत शुरू हो गई। चीन अबतक दुनिया में 90% रेयर अर्थ मिनरल्स की प्रोसेसिंग करता रहा है।
Home / Uncategorized / चीन..रेडियो एक्टिव जोखिम..रेयर अर्थ पर अब भारत का कुछ नहीं बिगड़ेगा! मेगा प्लान तैयार
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