
नेपाल में इस महीने हुए चुनाव में मधेस नेता बालेंद्र शाह ने सबको चौंकाते हुए एकतरफा जीत हासिल की है। नेपाल की राजनीति में ये एक अहम बदलाव है क्योंकि पहली बार कोई मधेस प्रधानमंत्री बना है। मधेस इलाका भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों से जुड़ा है। मधेसों का भारत से खास रिश्ता रहा है। ऐसे में बालेन शाह का काठमांडू में सत्ता संभालने से नेपाल और भारत के रिश्ते में नई गर्माहट की उम्मीद की जा रही है।
नेपाल में राजनीतिक बदलाव के भारत के लिए गहरे मायने हैं। पूर्व की केपी शर्मा ओली की सरकार का झुकाव चीन की तरफ था, इससे काठमांडू और दिल्ली के संबंधों में उतार-चढ़ाव देखा गया। ओली सरकार में भारत के इलाकों को अपना बताने वाला विवादित नक्शा जारी करन समेत कई ऐसे कदम उठाए गए, जिससे दोनों मुल्कों के रिश्ते में तनाव आया। केपी ओली नई सरकार आने के बाद गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं।
बालेन शाह से उम्मीद – नेपाल में बालेन शाह का उदय एक भारत के साथ रिश्ते में संभावित नई शुरुआत की उम्मीद जगाता है। मधेशी नेता होने के नाते उनसे भारत से अच्छे रिश्ते रखने की उम्मीद की जाती है। मधेस बिहार और उत्तर प्रदेश के साथ खुली सीमा के साथ सांस्कृतिक और भाषाई जुड़ाव रखते हैं। मधेसों का भारत के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता है। इस जुड़ाव का फायदा बेहतर रिश्तों में मिल सकता है।
बालेंद्र शाह की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको गर्मजोशी से बधाई दी। शाह की ओर से भी सकारात्मक जवाब आया है। भारत में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने बालेन शाह ने एक व्यावहारिक ‘नेपाल फर्स्ट’ दृष्टिकोण अपनाने का इशारा किया है, जो पूर्व की सरकारों के चीन-समर्थक झुकावों से दूर होने का संकेत है। उन्होंने अभी तक भारत को अहमियत देने की नीति दिखाई है।
Home / News / बालेन शाह नेपाल में PM बनने वाले पहले मधेसी, चीन प्रेमी केपी ओली जेल में, काठमांडू-दिल्ली के सुधरेंगे रिश्ते!
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