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गुजराती से शादी पर बोलीं मुमताज- पति ने मुझे कभी नॉनवेज छोड़ने नहीं कहा, मैं ससुराल की रईसी का क्या बखान करूं


मुमताज ने बॉलीवुड में बचपन से काम किया है। मुमताज़ को कथित तौर पर 1968 में शम्मी कपूर से शादी का ऑफर मिला लेकिन फिल्में छोड़ने की शर्तों ने उन्हें दूर कर दिया। हालांकि, इसके बाद उन्होंने गुजराती बिजनेसमैन से शादी रचाई और फिल्मों से दूर हो गईं। उन्होंने बताया है कि उनके हसबैंड ने कभी उनसे नॉनवेज छोड़ने को नहीं कहा था।
दिग्गज एक्ट्रेस मुमताज ने साल 1952 में छोटी उम्र से फिल्मों में काम करना शुरू किया था। स्टारडम हासिल करने तक उन्हें करियर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्हेंने शुरुआती दिनों में अक्सर बी-ग्रेड फिल्मों में लिया जाता था, लेकिन 1967 में इसमें बदलाव आया। दरअसल इसी साल आई हिट फिल्म ‘राम और श्याम’ में दिलीप कुमार के साथ लीड रोल निभाने के बाद उनकी किस्मत बदल गई । दिलीप कुमार के साथ काम करने के बाद, बाकी एक्टर्स भी उनके साथ काम करने के लिए तैयार हो गए। मुमताज राजेश खन्ना के साथ अपनी हिट जोड़ी और उनके साथ गाए फेमस गीत जैसे ‘जय जय शिव शंकर’ के लिए खूब पॉप्युलर रही हैं।
मुमताज एक तरफ फिल्मों में अपनी कद बढ़ा रही थीं और वहीं दूसरी तरफ उनकी पर्सनल लाइफ में भी कुछ बदलाव आ रहे थे। कहते हैं कि मुमताज़ को कथित तौर पर 1968 में शम्मी कपूर से शादी का ऑफर मिला लेकिन वो चाहते थे कि शादी के बाद वो फिल्में वगैरह छोड़ दें। दोनों के बीच रिश्ता तो बना, लेकिन इस शर् ने उन्हें एक-दूसरे से दूर कर दिया। तब मुमताज ने अपने करियर को प्रायॉरिटी देने का फैसला किया था, क्योंकि तब उनके करियर की शुरुआत ही थी।
फिल्मों से विदा लेकर गुजराती बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी की -हालांकि, साल 1974 में उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने फिल्मों से विदा लेकर गुजराती बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी कर ली और लंदन चली गईं। हालांकि उनके अलग धर्म में हुई इस शादी ने लोगों का ध्यान खींचा।
मुमताज ने कहा- शादी के लिए क्यों तैयार हुईं वो – हाल ही में एक इंटरव्यू में ऐक्ट्रेस ने अपनी अंतरधार्मिक शादी और करियर की ऊंचाई पर रहते हुए इंडस्ट्री छोड़ने के बारे में खुलकर बातें की। विक्की लालवानी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं था। मेरी मां, दादी और मौसी ने इस प्रपोज़ल को मंजूरी दे दी थी। वे परिवार को जानती थीं और उन्होंने मुझे एक्टिंग छोड़कर घर बसाने की सलाह दी।’
‘उनका मानना था कि अब मेरे लिए शादी करके घर छोड़ने का समय आ गया’ – उन्होंने अपनी फैमिली के धर्म संबंधी नजरिए को और स्पष्ट करते हुए कहा, ‘हमारे परिवार में हमने कभी हिंदू-मुस्लिम भेदभाव पर ध्यान नहीं दिया। हमने कभी धर्मों में भेदभाव नहीं किया। मेरी बहन ने भी एक हिंदू, रंधावा जी से शादी की है। हम ऐसी बातों में विश्वास नहीं करते थे। उनसे शादी करना मेरी नियति थी और मैंने अपने परिवार की सलाह मानी। उन्होंने मुझसे कहा कि अब मेरे लिए शादी करके घर छोड़ने का समय आ गया है। वे आज के लोगों की तरह नहीं सोचते थे कि अगर लड़की अच्छी कमाई कर रही है तो उसे हमारे साथ रहने दो। उनका मानना था कि अब मेरे लिए शादी करके घर छोड़ने का समय आ गया है। मैं एक रूढ़िवादी परिवार से आती हूं, ईरानी लोग ऐसे ही होते हैं।’