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होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए अमेरिका शुरू करेगा ऑपरेशन, ट्रंप ने की ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की घोषणा


राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका सोमवार से होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को “मुक्त कराने में मदद करेगा।” इससे संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश करेगा जिससे संघर्ष भड़कने का खतरा मंडरा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि इस पहल को ‘प्रोजेक्ट फ़्रीडम’ नाम दिया गया है। यह उन देशों के अनुरोध पर एक “मानवीय कदम” होगा जो इस संघर्ष में “तटस्थ” हैं और जिनके जहाज इस जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस अभियान में किसी भी तरह के हस्तक्षेप के प्रति आगाह भी किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा “ईरान, मध्य-पूर्व और अमेरिका की भलाई के लिए हमने इन देशों से कहा है कि हम उनके जहाजों को इन प्रतिबंधित जलमार्गों से सुरक्षित रूप से बाहर निकालेंगे ताकि वे आजादी से और कुशलता से अपना काम-काज जारी रख सकें।” हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि किन देशों ने वॉशिंगटन से मदद मांगी थी।
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका शुरू करेगा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ – फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह अभियान कैसे आगे बढ़ेगा या इसमें तेहरान के साथ तालमेल शामिल होगा या नहीं। अगर ईरान की तरफ से इसका विरोध होता है तो इस कदम से अप्रैल में लागू हुआ नाजुक सीजफायर टूट सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा “इनमें से कई जहाजों में खाने-पीने का सामान कम पड़ रहा है और बाकी सभी जरूरी चीजें भी कम हो रही हैं जिनकी जरूरत बड़े क्रू को जहाज पर स्वस्थ और साफ-सुथरे तरीके से रहने के लिए होती है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा “मुझे लगता है कि पिछले कई महीनों से जो लोग इतनी जोर-शोर से संघर्ष कर रहे हैं उन सभी की ओर से सद्भावना दिखाने में यह एक बड़ा कदम साबित होगा। अगर किसी भी तरह से इस मानवीय प्रक्रिया में कोई रुकावट डाली जाती है तो दुर्भाग्यवश उस रुकावट से सख्ती से निपटना होगा।” अमेरिकी सेना ने पहले कहा है कि वह इस संकरे जलमार्ग से जहाजों के साथ जाने के लिए “तैयार नहीं है” क्योंकि वहां उसे ईरानी क्षेत्र से होने वाली गोलाबारी का सामना करना पड़ सकता है।
क्या यह डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत का तरीका है? – हालांकि संघर्ष विराम पिछले तीन हफ्तों से टिका हुआ है लेकिन होर्मुज स्ट्रेट से अगर अमेरिकी सेना जहाजों को निकालना शुरू करती है तो ईरान के साथ संघर्ष फिर शुरू हो सकता है। होर्मुज में तेहरान की नाकाबंदी और उसके बाहर ईरानी बंदरगाहों पर वाशिंगटन की नौसेना की घेराबंदी ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 4.44 डॉलर प्रति गैलन हो गई है जो युद्ध शुरू होने से पहले 3 डॉलर से भी कम थी। इससे महंगाई बढ़ रही है। हाल के जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार ऊर्जा की बढ़ती कीमतें युद्ध को लेकर जनता में असंतोष बढ़ा रही हैं और साथ ही ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग भी तेजी से गिर रही है।
अलजजीरा की एक रिपोर्ट में सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी की वरिष्ठ फेलो नेगर मोर्ताजावी ने कहा कि जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के अमेरिकी प्रयास को ईरान की तरफ से किसी मानवीय मिशन के तौर पर नहीं देखा जाएगा। मोर्ताजावी ने कहा “अगर जहाज़ों को सुरक्षा देने का काम किया जाता है तो इससे अमेरिकी सेना और साजो-सामान ईरान की मारक सीमा के और भी करीब आ जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा “इसलिए मुझे नहीं पता कि यह कोई धमकी है या नहीं। क्या यह बातचीत करने की कोई रणनीति है? या फिर यह सचमुच राष्ट्रपति की कोई योजना है? मेरा मतलब है हम जानते हैं और तेहरान को भी इस बात का अंदेशा था कि किसी न किसी रूप में तनाव बढ़ने की संभावना जरूर है। मुझे नहीं पता कि क्या यह वही स्थिति है।”