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श्रीमद्भगवद्गीता लेकर Cannes में छा गईं आरती खेतरपाल, कभी मीका सिंह के ‘सामा’ से जीता था दिल

‘कान फिल्म फेस्टिवल’ के रेड कार्पेट पर जहां आलिया भट्ट पहले दिन से चमक रही थीं वहीं अब कान फिल्म फेस्टिवल श्रीमद्भगवद्गीता लिए एंट्री मारी और इस इवेंट में कुछ ऐसा हुआ जो इससे पहले कभी नहीं हुआ। मीका सिंह के गाने ‘समा’ में नजर आईं आरती इस वक्त सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।
कौन हैं आरती खेतरपाल – कान फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर जहां पहले दिन से ही आलिया भट्ट अपने ग्लैमर अवतार में लगातार नजर आ रही हैं वहीं इस वक्त एक और नाम ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। ये हैं आरती खेतरपाल जिन्होंने वृंदावन थीम के साथ वहां रेड कार्पेट पर सबका दिल मोह लिया है। श्रीमद्भगवद्गीता के साथ काम फिल्म फेस्टिवल में उनकी एंट्री ने अब खूब तलहका मचा दिया है। हर तरफ उनकी जोर-शोर से चर्चा चल रही है। आइए जानते हैं, कौन हैं ये आरती जिन्होंने वहां मौजूद ग्लैमर की दुनिया की दिग्गजों को अपने अनोखे अंदाज से टक्कर दे दी है और आलिया भट्ट से अधिक उनकी चर्चा हो रही है।
Cannes के रेड कार्पेट पर भारतीय परंपरा, सनातन धर्म , वृंदावन की झलकियां, श्रीमद्भगवद्गीता , मंत्र जाप की थेली, हरे कृष्णा मंत्र जैसी चीजों को अपने में समेटे हुए आरती ने एक मिसाल कायम कर दी। इस बार इस इवेंट में कुछ ऐसा हुआ जो इससे पहले कभी नहीं हुआ।
उनके हाथ में भगवद गीता था जो काफी अर्थपूर्ण – बता दें कि आरती का ये अंदाज किसी फैशन को लेकर नहीं बल्कि ये चीजें उनकी आस्था और विश्वास को बयां कर रहे थे। उनके हाथ में भगवद गीता था जो काफी अर्थपूर्ण लग रहा था। आरती इस ग्लैमरस मौके पर आध्यात्मिक भाव से भरी दिखीं जैसे वो यहां सनातन धर्म को प्रतिनिधित्व कर रही हों।
रेड कार्पेट पर सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व – आरती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है, ‘और फिर Cannes के इतिहास में पहली बार उन्होंने वैष्णवों और कृष्ण को समर्पित एक भेंट के रूप में गर्वपूर्वक कान के रेड कार्पेट पर सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया। यह ईश्वर में विश्वास रखने वाले हर इंसान के लिए है।’
पिताजी, जिनकी फिल्म इस साल कान फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हो रही – पोस्ट में आगे लिखा गया है, ‘हमारे सभी गुरुओं और संतों को, जो हमें जप करना सिखाते हैं। वेद व्यास जी को, जिन्होंने भगवद् गीता की रचना की। उन पब्लिशिंग हाउस के लिए जो हमारे वैदिक ग्रंथों को संरक्षित और प्रकाशित करना जारी रखते हैं। उन भारतीय डिजाइनरों के लिए जो फैशन से आस्था को जोड़ते हैं। मेरी मां के लिए, जिन्होंने मुझे जप करना और कृष्ण से प्रेम करना सिखाया। मेरे भाई के लिए, जो मेरे लिए प्रेरणास्रोत हैं। मेरी बहन के लिए जो भारत में काम संभालने के लिए पूरी रात जागती रहती है और पिताजी के लिए जिनकी फिल्म इस साल कान फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हो रही है।’