
भारत ने क्यूबा पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान किया है। इस तरह भारत उन 130 देशों में शामिल हो गया है जो इन प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों को खत्म करने वाले प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। इसके पक्ष में 130 वोट पड़े और 17 देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया। 25 देश मतदान से दूर रहे। इसमें कई ऐसे थे जिन्होंने पहले इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।
इस बार के मतदान ने संयुक्त राष्ट्र के अंदर की बढ़ती दरार सामने आई है। पिछले साल 165 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया था और 7 देशों ने विरोध किया था। इस बार समर्थन करने वाले देशों की संख्या में 35 की गिरावट आई है। जर्मनी और इटली जैसे देशों ने पहले इन प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग का समर्थन किया था, लेकिन इस बार उन्होंने मतदान से दूरी बनाए रखी।
प्रस्ताव का क्या होगा असर? – क्यूबा पर लगाए गए अमेरिका के आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंध दोनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण बने हुए हैं।
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में हुए मतदान का राजनयिक महत्व है और इससे वॉशिंगटन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव पड़ता है। लेकिन इसमे प्रतिबंधों को हटाने की शक्ति नहीं है।
केवल अमेरिकी कांग्रेस ही इन प्रतिबंधों को हटा सकती है। – वोटिंग से पहले महासभा को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रतिनिधि सौम्या नायर ने कहा कि भारत इस अपील का समर्थन करता है जिसमें देशों से ऐसे कानूनों और नियमों को खारिज करने का आग्रह किया गया है, जिनका असर दूसरे देशों की संप्रभुता और उनके लोगों की तरक्की और खुशहाली पर बुरा असर डालता है।
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