
भारत इजरायल के साथ स्पाइक मिसाइल की खरीद पर एक बार फिर विचार कर सकता है। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने इस बात की जानकारी दी है।यह मिसाइल पाकिस्तान के खिलाफ सेना की ऐंटी-टैंक कैपेबिलिटी बढ़ाने में मदद करेगी।
ब्लूमबर्ग में छपी की रिपोर्ट की मानें तो डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन आने वाले तीन साल में स्वदेशी ऐंटी-टैंक मिसाइल बनाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन सेना तब तक के अंतर को खत्म करने के लिए स्पाइक मिसाइल खरीदना चाहती है। इस खरीदारी का प्रस्ताव अपनी काफी अडवांस्ड स्टेज पर है। सूत्र ने बताया कि इस प्रस्ताव के लिए सरकार की हां का इंतजार है।
इसी साल लिया जाएगा फैसला
ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का ऑर्डर इजरायल की राफेल अडवांस्ड डिफेंस सिस्टम लिमिटेड ने तैयार किया है। आर्मी की जरूरतों को देखते हुए इस मिसाइल की खरीद का फैसला इसी साल लिया जा सकता है। राफेल के इजरायल स्थित दफ्तर के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि इस संभावित डील पर अभी चर्चा हो रही है, लेकिन जब तक डील साइन नहीं हो जाती है, तब तक वह इस पर कुछ भी कहना नहीं चाहते हैं।
2021 तक शुरु हो सकता है प्रॉडक्शन
लंबी चर्चा और विचार के बाद भारत ने जनवरी 2018 में करीब 3,358 करोड़ रुपये की इस डील को कैंसल करने का फैसला लिया था। भारत ने डीआरडीओ के उस वादे के बाद उस डील को कैंसल करने का फैसला लिया था, जिसमें कहा गया था कि वह जल्द आर्मी की जरूरों के हिसाब से 8000 ऐंटी-टैंक मिसाइल देगा। डीआरडीओ ने साल 2018 के आखिर तक भारत में बनी ऐंटी-टैंक मिसाइल देने का वादा किया था। जैसे ही इसका ट्रायल सफल होगा, 2021 तक इसका बड़ी संख्या में प्रॉडक्शन शुरू हो जाएगा।
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